जनपद बहराइच में पहली बार मानसून सत्र के दौरान सिंगल बड विधि से गन्ने की बुआई की शुरुआत की गई। ग्राम मटेही में किसान जोगा सिंह और मलकीत सिंह के खेत में आयोजित कार्यक्रम में विधिवत अरदास के बाद गन्ने की बुआई का शुभारंभ किया गया।

कार्यक्रम की शुरुआत गुरुद्वारा के हेड ग्रंथी बाबा गुरुदेव सिंह द्वारा अरदास से हुई। इसके बाद गन्ना महाप्रबंधक पुष्पेंद्र ढाका ने फीता काटकर मानसून सत्र में गन्ने की बुआई का शुभारंभ किया।
इस दौरान डिप्टी केन मैनेजर मंजीत भिंडर, प्रदेश किसान महासचिव मलकीत सिंह, किसान प्रदेश उपाध्यक्ष गुरुवत सिंह, गुरदास सिंह, दिलीप मौर्य, कपिल, गुरुमुख सिंह, राजवीर सिंह, विक्की, एंगेज सिंह, अनमोल सिंह और पालू सिंह सहित अन्य लोग मौजूद रहे।
किसानों के अनुसार, सिंगल बड विधि से गन्ने की बुआई के साथ सहफसली खेती को भी बढ़ावा दिया जा रहा है। खेत में गन्ने की कतारों के बीच करीब पांच फीट की दूरी रखी गई है, जिसमें मिर्च, गोभी और बैंगन जैसी सब्जियों की सहफसली खेती की जाएगी।
कृषि विशेषज्ञों और किसानों का मानना है कि मानसून सत्र में गन्ने की बुआई तथा सहफसली खेती से किसानों को एक ही खेत से अतिरिक्त आमदनी का अवसर मिल सकता है। वहीं, सिंगल बड तकनीक से कम बीज में गन्ने की फसल तैयार करने और लागत कम करने में भी मदद मिलने की उम्मीद है।
बहराइच में इस तरह की मानसून गन्ना बुआई का प्रयोग पहली बार किए जाने से किसानों में भी उत्साह देखा जा रहा है। सफल प्रयोग होने पर आने वाले समय में अन्य किसान भी इस तकनीक को अपनाकर लाभ उठा सकते हैं।
