31 दिन काम, 26 दिन का दाम, बिजली कर्मियों का फूटा गुस्सा, रविवार को ठप कर दिया कार्य

वेतन कटौती और छुट्टी के मुद्दे पर कार्य बहिष्कार, आठ घंटे प्रभावित रही बिजली सप्लाई

प्रार्थना पत्र में सुरक्षा व हाजिरी सिस्टम की भी उठाईं खामियां, फेशियल अटेंडेंस में गड़बड़ी का भी आरोप

दिलीप सिंह अलीगज एटा

अलीगंज।काम पूरे महीने का और वेतन सिर्फ 26 दिन का जिसको लेकर अलीगंज देहात विद्युत उपकेंद्र पर रविवार को निविदा कर्मचारियों का गुस्सा भड़क गया। रविवार की ड्यूटी, वेतन कटौती और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर एसएसओ व लाइनमैन कर्मचारियों ने कार्य बहिष्कार कर दिया। कर्मचारियों के विरोध के चलते बिजलीघर का संचालन प्रभावित हुआ और ग्रामीण क्षेत्र में करीब आठ घंटे तक विद्युत आपूर्ति प्रभावित रही। अधिकारियों के समझाने के बाद कर्मचारी काम पर लौटे और आपूर्ति बहाल कराई गई।

कर्मचारियों ने एसडीओ अतुल कुमार को सौंपे प्रार्थना पत्र में अपनी समस्याओं का विस्तार से उल्लेख किया है। पत्र में कहा गया है कि सभी एसएसओ और लाइनमैन प्रतिदिन, रविवार समेत, ड्यूटी कर रहे हैं, जबकि कंपनी की ओर से केवल 26 दिनों का वेतन दिया जा रहा है। कर्मचारियों का आरोप है कि उनसे करीब 30 दिन काम कराया जा रहा है, लेकिन चार रविवारों का न तो भुगतान किया जाता है और न ही उन दिनों की ड्यूटी की किसी प्रकार की जिम्मेदारी कंपनी की ओर से ली जाती है।

रविवार को ड्यूटी भी, भुगतान भी नहीं और हादसा हुआ तो जिम्मेदारी किसकी?

प्रार्थना पत्र में कर्मचारियों ने स्पष्ट किया है कि कंपनी की ओर से रविवार को अवकाश बताया जाता है। इसके बावजूद कर्मचारियों से उस दिन काम कराया जाता है। पत्र में सवाल उठाया गया है कि यदि रविवार को ड्यूटी के दौरान कोई दुर्घटना हो जाती है तो उसकी जिम्मेदारी कौन लेगा। कर्मचारियों का कहना है कि रविवार को कार्य लेने के बावजूद सुरक्षा और जिम्मेदारी के मामले में स्थिति स्पष्ट नहीं की गई है।

कर्मचारियों ने यह भी आरोप लगाया कि एसएसओ कर्मचारियों की फैसियल अटेंडेंस व्यवस्था सही तरीके से संचालित नहीं हो रही है, जिसके कारण कई कर्मचारियों का वेतन कटकर आ रहा है। उनका कहना है कि पहले से ही 26 दिन का भुगतान मिलने से परेशानी है और इसके बाद हाजिरी व्यवस्था की खामी के कारण वेतन में और कटौती हो रही है। फिलहाल कार्य बहिष्कार खत्म होने के बाद कर्मचारियों ने ड्यूटी संभाल ली, लेकिन 26 दिन के वेतन, रविवार की ड्यूटी, वेतन कटौती, हाजिरी व्यवस्था और सुरक्षा जिम्मेदारी को लेकर विवाद बरकरार है।

कर्मचारियों ने प्रार्थना पत्र में चेतावनी दी है कि यदि समस्या का शीघ्र समाधान नहीं हुआ तो रविवार को सब-स्टेशन का संचालन करना संभव नहीं होगा और ऐसी स्थिति में संबंधित जिम्मेदारी कंपनी की होगी। वहीं आठ घंटे तक बिजली आपूर्ति प्रभावित रहने से ग्रामीण उपभोक्ताओं को भी परेशानी उठानी पड़ी। इस दौरान विरोध प्रदर्शन में शिवम, हरनाथ, अतुल, विनय, संदीप, कुलदीप, राखी, कौशलेंद्र, उत्तम, अर्जुन, अनूप सिंह सहित अन्य निविदा कर्मी मौजूद रहे।

कई बार बता चुके, फिर भी नहीं हुआ समाधान

एसएसओ/लाइनमैन शिवनंदन ने बताया कि कर्मचारियों से 31 दिन तक ड्यूटी ली जाती है, लेकिन वेतन 26 दिन का मिलता है। रविवार और अन्य अवकाश में भी काम करने के बावजूद उसका भुगतान नहीं किया जाता। सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी कर्मचारियों में असमंजस है।

एसएसओ/लाइनमैन अनूप सिंह ने बताया कि कंपनी और अधिकारियों को कई बार पत्र देकर समस्या से अवगत कराया गया, लेकिन कोई संतोषजनक समाधान नहीं निकला। उनका आरोप है कि 31 दिन काम करने के बावजूद 26 दिन का वेतन दिया गया और इस बार करीब दो हजार रुपये की अतिरिक्त कटौती भी हुई। इसी के विरोध में रविवार को कार्य बहिष्कार किया गया।

जेई ने माना, रविवार की ड्यूटी का भुगतान नहीं मिलना गलत

जेई सुंदरलाल ने बताया कि सुपरवाइजर आदित्य मिश्रा की ओर से जानकारी दी गई कि रविवार को कर्मचारी काम नहीं करेंगे, क्योंकि रविवार की ड्यूटी का भुगतान नहीं किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि बिजलीघर पहुंचने पर ग्रामीण क्षेत्र की आपूर्ति बाधित मिली। कर्मचारियों को समझाकर काम शुरू कराया गया, जिसके बाद आपूर्ति सुचारु हुई। जेई ने सरकारी एसएसओ पवन कुमार के ड्यूटी पर नहीं आने की शिकायत भी उच्च अधिकारियों तक पहुंचने की बात कही। उनके अनुसार दूसरे शनिवार और रविवार को ड्यूटी पर नहीं आने के संबंध में कई बार अधिकारियों को अवगत कराया गया है।

एसडीओ बोले- कंपनी से लिखित में मांगे हैं नियम

एसडीओ अतुल कुमार ने बताया कि कुछ कर्मचारियों की सैलरी कम आने को लेकर नाराजगी है। कंपनी के प्रतिनिधियों से बातचीत की गई है। कंपनी को बुलाकर एग्रीमेंट और कर्मचारियों की ड्यूटी व वेतन से संबंधित नियम स्पष्ट करने को कहा गया है। कंपनी से नियमों की जानकारी लिखित रूप में मांगी गई है। उन्होंने बताया कि सरकारी सुपरवाइजर पवन कुमार की तैनाती अलीगंज में है इसके बावजूद ज्ञात हुआ कि उनका आना नहीं रहता है जिसके चलते पूर्व में भी वेतन काटने की संतुती की गई। इस बार भी कई बार कहने के बावजूद भी अपनी ड्यूटी ना संभालने को लेकर तीन दिन का वेतन काटे जाने की जानकारी मिली है। पूरे मामले की जांच और जानकारी लेने के बाद स्थिति स्पष्ट की जाएगी।

कंपनी का पक्ष- 26 दिन का है एग्रीमेंट

उर्मिला इंटरप्राइजेज के सुपरवाइजर आदित्य मिश्रा द्वारा बताया गया कि कर्मचारियों के आरोपों पर कहा कि कंपनी का एग्रीमेंट 31 दिन का नहीं, बल्कि 26 दिन का है। यदि किसी कर्मचारी से 31 दिन काम कराया जा रहा है तो यह कंपनी की जिम्मेदारी नहीं है। उन्होंने बताया कि निविदा कर्मचारियों की उपस्थिति-अनुपस्थिति का विवरण एसडीओ/जेई की ओर से भेजा जाता है। उसी के आधार पर वेतन तैयार कर सत्यापन के बाद कर्मचारियों के खातों में भुगतान किया जाता है।

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