नवनीत कुमार सिंह, मोतिहारी
मोतिहारी।हरसिद्धि पुलिस को झूठी सूचना देकर विरोधियों को साजिश के तहत फंसाने और पुलिस की आंखों में धूल झोंकने के खेल का हरसिद्धि थाना अध्यक्ष सुनील कुमार के द्वारा पर्दाफाश कर दिया है।मारपीट के मामले में पुलिसिया कार्रवाई से बचने के लिए मां-बेटे द्वारा रची गई कथित अपहरण की पटकथा का भंडाफोड़ करते हुए पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार कर माननीय न्यायालय में भेज दिया है।

डायल 112 पर दी थी अपहरण की सूचना घटना के संबंध में बताया जाता है कि पैठान पट्टी गांव थाना हरसिद्धि निवासी राजेंद्र साह की पत्नी संजू देवी ने बीते 21 सितंबर की रात डायल 112 पर सूचना दी थी कि उनके 19 वर्षीय पुत्र दिलखुश कुमार का ओलहा पेट्रोल पंप के पास से पट्टीदार भूलेन साह के परिजनों द्वारा उसकी बाइक सहित अपहरण कर लिया गया है।तकनीकी जांच से खुला झूठा नाटक
मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए जब पुलिस ने वैज्ञानिक अनुसंधान और तकनीकी सर्विलांस का सहारा लिया, तो दिलखुश कुमार का मोबाइल पहाड़पुर थाना क्षेत्र में बंद पाया गया।
त्वरित कार्रवाई करते हुए पुलिस ने 22 सितंबर को दिलखुश कुमार को उसके एक परिचित के ठिकाने से सकुशल बरामद कर थाने ले आई।मारपीट के मामले से बचने को रची थी साजिश थाने में कड़ाई से पूछताछ करने पर दिलखुश कुमार ने सारा सच उगल दिया। उसने स्वीकार किया कि बीते 19 सितंबर को उसने अपनी मां के साथ मिलकर पट्टीदार भूलेन साह की पत्नी पन्ना देवी के साथ मारपीट कर उनका सिर फोड़ दिया था।
गिरफ्तारी के डर से बचने और विपक्षी परिवार को झूठे मुकदमे में फंसाने के नियत से उसने अपनी मां संजू देवी के साथ मिलकर खुद के अपहरण की यह झूठी साजिश रची थी।दोनों आरोपी पहुंचे सलाखों के पीछे मामले में जख्मी पन्ना देवी के आवेदन पर हरसिद्धि थाने में प्राथमिकी दर्ज की गई है। पुलिस को गुमराह करने, झूठी साजिश रचने और मारपीट के आरोप में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए दिलखुश कुमार और उसकी मां संजू देवी को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया है।
