आबादी के बीच शराब के ठेकों के विरोध में ट्रैक्टर-ट्रॉली भरकर तहसील पहुंचे ग्रामीण, महिलाओं ने एसडीएम से लगाई गुहार

संपूर्ण समाधान दिवस में ग्रामीणों ने सौंपा शिकायती पत्र, बोले- शराब के कारण बिगड़ रहा गांव का माहौल, महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा पर भी असर; एक अक्टूबर के विवाद में दर्ज मुकदमा खत्म कराने की भी मांग

अलीगंज। विकासखंड अलीगंज में शनिवार को आयोजित संपूर्ण समाधान दिवस के दौरान ग्राम लालपुर, थाना जैथरा के एक दर्जन से अधिक महिला-पुरुष ट्रैक्टर-ट्रॉली से तहसील पहुंचे। ग्रामीणों ने अलीगंज एसडीएम को शिकायती पत्र सौंपकर गांव की आबादी में संचालित शराब की दुकानों को अन्य उपयुक्त स्थान पर स्थानांतरित कराने की मांग की।

ग्रामीणों का आरोप है कि ग्राम लालपुर में देशी शराब की दुकान तथा अंग्रेजी शराब और बीयर की कंपोजिट दुकान संचालित हो रही है। आबादी के बीच इन दुकानों के संचालन से गांव के शांतिपूर्ण एवं सामाजिक वातावरण पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है। ग्रामीणों ने कहा कि शराब की दुकानों के कारण महिलाओं और बच्चों को असुविधा के साथ सुरक्षा संबंधी चिंताओं का भी सामना करना पड़ रहा है।

शिकायती पत्र में ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की कि शराब की दुकानों के संचालन की नियमानुसार जांच कराई जाए और यदि दुकानें आबादी के बीच संचालित होना नियमों के अनुरूप नहीं है तो उन्हें गांव की आबादी से दूर किसी अन्य उपयुक्त स्थान पर स्थानांतरित कराने की कार्रवाई की जाए।

एक अक्टूबर के विवाद और मुकदमे का भी दिया हवाला

ग्रामीणों ने शिकायती पत्र में बताया कि एक अक्टूबर 2026 को शराब की दुकानों को लेकर गांव में विवाद की स्थिति उत्पन्न हुई थी, जिसके संबंध में थाना जैथरा में मुकदमा अपराध संख्या 322/2026 दर्ज किया गया है। ग्रामीणों ने बताया कि मुकदमे में कई धाराएं दर्ज होने की जानकारी उन्हें मिली है। साथ ही कुछ ग्रामवासियों के नाम मुकदमे में शामिल किए जाने की बात भी शिकायत में कही गई है।

ग्रामीणों ने प्रशासन से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने के साथ ही मुकदमे में नामजद ग्रामीणों के संबंध में भी उचित कार्रवाई की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि शराब की दुकानों को लेकर गांव में लगातार तनाव की स्थिति बनी हुई है।

‘शराब के कारण कई परिवार बर्बाद हुए’

ग्राम लालपुर जहीराबाद निवासी सर्विस ने ग्रामीणों के साथ तहसील पहुंचकर बताया कि गांव में शराब के कारण कई लोग असमय मौत का शिकार हो चुके हैं। उन्होंने कहा कि आबादी में शराब का ठेका होने के कारण छोटे-छोटे बच्चे भी शराब के सेवन की ओर बढ़ रहे हैं। उन्होंने प्रशासन से गांव से शराब के ठेके हटवाने की मांग की।

उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि शराब के सेवन के कारण उनके पति की भी मौत हो चुकी है। उन्होंने कहा कि शराब की दुकानों को आबादी से दूर किए जाने के साथ ही थाना जैथरा में दर्ज मुकदमे को भी तत्काल समाप्त कराया जाना चाहिए।

प्रधान प्रतिनिधि ने भी की ठेका हटाने की मांग

गांव के जितेंद्र सिंह ने बताया कि वह प्रधान प्रतिनिधि प्रशासक हैं। उन्होंने कहा कि ग्रामीणों की ओर से शनिवार को तहसील अलीगंज में शिकायत दी गई है। ग्रामीणों की प्रमुख मांग है कि गांव की आबादी में संचालित शराब की दुकानों को जल्द से जल्द बंद कराया जाए अथवा आबादी से बाहर स्थानांतरित किया जाए।

‘बेटे ने शराब के लिए रुपये मांगे, नहीं दिए तो कर दिया विवाद’

गांव की विमला देवी ने अपनी परेशानी बताते हुए कहा कि उनके बेटे ने शराब पीने के लिए रुपये मांगे थे। रुपये नहीं देने पर बेटे ने उनके साथ लड़ाई-झगड़ा किया। उन्होंने कहा कि शराब की वजह से परिवारों में विवाद बढ़ रहे हैं और महिलाओं को परेशानी उठानी पड़ रही है।

विमला देवी ने भी प्रशासन से गांव की आबादी में संचालित शराब की दुकान को दूर कराने तथा थाना जैथरा में दर्ज मुकदमे के संबंध में उचित कार्रवाई किए जाने की मांग की।

ग्रामीणों ने संपूर्ण समाधान दिवस में प्रशासन से पूरे मामले की जांच कराकर आबादी में संचालित शराब की दुकानों के संबंध में नियमानुसार कार्रवाई करने तथा गांव में शांतिपूर्ण माहौल कायम कराने की मांग की।

दिलीप सिंह मंडल ब्यूरो एटा

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *