बोला- एसडीएम के आदेश के बाद भी प्रशासन नहीं पहुंचा, न्याय न मिला तो फांसी लगा लूंगा
कोतवाली देहात के मगहरा बुलंद गांव में अरुण, बिंदु समेत अन्य पर जबरन कब्जा और मारपीट का आरोप

संवाददाता गोंडा
गोंडा। कोतवाली देहात क्षेत्र के मगहरा बुलंद गांव में साढ़े तीन बीघा जमीन पर कब्जे से आहत 50 वर्षीय किसान न्याय की गुहार लगाते हुए शनिवार को कमिश्नर कार्यालय के बगल स्थित पानी की टंकी पर चढ़ गया। करीब डेढ़ घंटे तक टंकी पर डटे रहने से परिसर में अफरा-तफरी मच गई। अधिवक्ताओं और पुलिसकर्मियों की भीड़ उसे नीचे उतारने के लिए समझाती रही, जबकि वह हाथ में शिकायती पत्र लेकर टंकी से ही अपनी व्यथा सुनाता रहा।
बाद में पुलिस ने बड़ी मशक्कत के बाद उसे सकुशल नीचे उतारा। पीड़ित की पहचान मगहरा बुलंद निवासी पवन कुमार के रूप में हुई। पवन ने टंकी से ही मीडिया को बताया, “मेरी साढ़े तीन बीघा पुश्तैनी जमीन है। पिताजी मेरे बचपन में ही गुजर गए, 80 साल की बूढ़ी मां है। मैं रोजी-रोटी के लिए दिल्ली में रहता था, घर में ताला लगा था।
इसी का फायदा उठाकर गांव के ही अरुण कुमार, बिंदु कुमार समेत अन्य लोगों ने मेरी जमीन पर जबरन कब्जा कर लिया और 2 तारीख से नींव खोदनी शुरू कर दी।” पवन का आरोप है कि विरोध करने पर उसके साथ गाली-गलौज और मारपीट की गई। उसने कोतवाली देहात पुलिस को प्रार्थना पत्र देकर एफआईआर दर्ज करने की मांग की, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई।

बोला- पैसे नहीं हैं, कैसे लड़ूं
टंकी पर चढ़े पवन ने रोते हुए कहा, “मैं 1 तारीख को गांव आया हूं, तब से अधिकारियों के चक्कर काट रहा हूं। एसडीएम साहब ने कल कब्जा रोकने का आदेश भी कर दिया है, मगर प्रशासन मौके पर नहीं जा रहा। मेरे पास पैसे नहीं हैं, मैं कैसे लड़ूं? यही साढ़े तीन बीघा मेरे और मेरी मां के जीने का सहारा है। न्याय नहीं मिला तो मैं फांसी लगा लूंगा, जहर खा लूंगा।”
सूचना पर पहुंची कोतवाली नगर पुलिस और तहसील प्रशासन ने पवन को समझा-बुझाकर नीचे उतारा और मामले में जांच कर उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया है।
