जीजीआईसी में परीक्षार्थी को ढाई घण्टे बनाया बंधक, हालत बिगड़ी.

परिजनों ने सीएम व शासन-प्रशासन से शिकायत कर कार्रवाई की मांग की.


जलेसर. नगर स्थित राजकीय बालिका इंटर कॉलेज की एक परीक्षार्थी को बी कॉपी न दिये जाने को लेकर की गयी शिकायत काफ़ी महंगी पड़ गयी हैं. बिना किसी नोटिस आदि के परीक्षार्थी को इंटर कॉलेज में जबरन ढाई घण्टे तक बंधक बनाये जाने तथा प्रताड़ित करते हुए परीक्षार्थी को उसके परिजनों से भी नहीं मिलने देने का सनसनीखेज मामला प्रकाश में आया हैं.जीजीआईसी प्रशासन द्वारा परीक्षार्थी के साथ बरते गये इस प्रताडतनात्मक रवैये के चलते बिगड़ी हालत को लेकर परिजनों में आक्रोश व्याप्त हैं. पीड़ित परिजनों ने सीएम योगी सहित शासन -प्रशासन एवं उच्च विभागीय अधिकारियो से शिकायती पत्र भेजते हुए प्रकरण की उच्च स्तरीय निष्पक्ष जाँच कराकर कर दोषी राजकीय बालिका इंटर कॉलेज एवं परीक्षा केन्द्र प्रशासन के विरुद्ध दंडात्मक कार्रवाई किये जाने की मांग की गयी हैं.


प्राप्त जानकारी के अनुसार नगर स्थित राजकीय बालिका इंटर कॉलेज की कक्षा बारहवी की छात्रा मेहरीन नाज़ स्वपरीक्षा केन्द्र के रूप में जीजीआईसी कॉलेज में ही बोर्ड परीक्षा दे रही है. उक्त बालिका का गत 27 फ़रवरी 2026 को व्यवसायिक शिक्षा के खाद्य एवं फल संरक्षण विषय का चतुर्थ प्रश्न पत्र था. आरोप हैं कि मेहरीन नाज के द्वारा परीक्षा के दौरान बी – कॉपी मांगने पर परीक्षा केन्द्र प्रशासन एवं कक्ष निरीक्षक द्वारा बी – कापी नहीं दी गई. जिससे छात्रा के 8- 8 नंबर के दो प्रश्न छूट गए हैँ.

इस प्रकरण कि शिकायत पीड़ित परीक्षार्थी के पिता द्वारा गत शनिवार को संपूर्ण समाधान दिवस जलेसर एवं उच्च अधिकारियों से की गयी थी. परीक्षार्थी के पिता का आरोप हैं कि उसके द्वारा की गयी शिकायत से कुपित होकर जीजीआईसी परीक्षा केन्द्र व्यवस्थापक एवं प्रधानाचार्या द्वारा गत 10 मार्च 2026 को सुबह की पाली में पेपर खत्म होने के बाद विद्यालय की शिक्षिकाओं एवं बाबू को निर्देश देकर उक्त उसकी पुत्री को बंधक बना लिया गया.जब छात्रा समय से घर नहीं पहुंची छात्रा की मां ने छात्रा के पिता को फोन कर बताया कि मेहरीन नाज अभी तक घर नहीं पहुंची है.

वह तत्काल काम छोड़कर विद्यालय पहुंचे और वहां जाकर जानकारी की तो बताया कि हमें नहीं पता कहां गई है. छात्रा मेहरीन नाज मेहरीन के पिता के द्वारा घर फोन करके बताया कि स्कूल वाले हमें कुछ नहीं बता रहे हैं. उसके बाद मेहरीन नाज की दोनों बड़ी बहनें स्कूल पहुंची. दोनों बहनों को गेट से बाहर ही पुलिस और बाबू सतेंद्र ने रोक लिया और कहा एसडीएम साहब के यहां से जांच अधिकारी आये हैं. वह जांच कर रहे हैं. मेहरीन नाज़ अंदर ही है. उन्होंने पूछा कि पेपर खत्म हुए ढाई घंटे हो चुके हैं लेकिन अभी तक जांच ही नहीं हुई है. तथा मुझ शिकायतकर्ता को बताए बगैर उसकी पुत्री को क्यों बंधक बनाया गया हैं. जांच के संबंध में मुझे कोई नोटिस भी नहीं दिया गया है. काफी मिन्नत करने के बाबजूद परीक्षार्थी के पिता और परिजनों को न तो कॉलेज के अंदर प्रवेश नहीं करने दिया गया और न ही मेहरीन नाज से मिलने दिया गया.

कॉलेज प्रशासन की ज़्यादती को देख शिकायतकर्ता फरीदुद्दीन के द्वारा अपने भाई शाहनवाज एडवोकेट को फोन कर कॉलेज पर ही बुलाया गया. शाहनवाज खान एडवोकेट तत्काल राजकीय बालिका इंटर कॉलेज पहुंचे और उन्होंने मेहरीन नाज को बाहर नहीं भेजने पर पुलिस अधिकारियो को फोन करने को कहा तो कॉलेज का बाबू सत्येंद्र पहले तो आग बबूला हो गया अभद्र व्यवहार करने लगा लेकिन मौके की नजाकत देख अंदर गया और प्रधानाचार्या से बोलकर मेहरीन नाज को लगभग दोपहर 2:15 बजे बाहर लेकर बाहर आया. परीक्षार्थी
मेहरीन नाज घर वालों को देखकर फूट-फूट कर रोने लगी. और घबराहट के साथ बेहोश हो गयी. उसकी काफी हालत खराब होने पर उसे तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र जलेसर ले जाकर उपचार कराया गया.


जीजीआईसी प्रशासन एवं स्टॉफ द्वारा परीक्षार्थी मेहरीन नाज के साथ बरते गये उत्पीड़नात्मक रवैये की शिकायत परीक्षार्थी के चाचा शाहनवाज अहमद खान एडवोकेट द्वारा सीएम योगी सहित शासन प्रशासन एवं विभागीय उच्च अधिकारियों से की गयी है. शिकायती पत्रों में जबरन दबाव बनाकर की गयी जांच को निरस्त कर पुनः ईमानदार अधिकारियों से निष्पक्ष जांच कराए जाने एवं दोषियों के खिलाफ कड़ी दंडात्मक कार्रवाई किये जाने की मांग की गयी है.

इस संबंध में एसडीएम भावना विमल से जानकारी लेनी चाही. लेकिन एसडीएम के बैठक में होने की वजह से कोई बात नहीं हो सकी.

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