
संतकबीरनगर। पर्यावरण संरक्षण का संदेश देते हुए इंडियन जर्नलिस्ट एसोसिएशन के पदाधिकारियों एवं सदस्यों ने शुक्रवार को विकास खंड सांथा के मीरापुर गांव में सघन वृक्षारोपण अभियान चलाया। इस दौरान संगठन के सदस्यों ने आम, अमरूद, बरगद और पाकड़ समेत दो दर्जन से अधिक फलदार एवं छायादार पौधों का रोपण किया। कार्यक्रम के उपरांत संगठन के पदाधिकारियों ने शोक संतप्त परिवार से मिलकर उन्हें सांत्वना दी तथा दिवंगत आत्मा की शांति के लिए श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया।
वृक्षारोपण कार्यक्रम की अगुवाई कर रहे इंडियन जर्नलिस्ट एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष सूर्यप्रकाश पांडेय ने कहा कि वर्तमान समय में तेजी से बदलते मौसम और बढ़ते प्रदूषण को देखते हुए वृक्षारोपण बेहद आवश्यक हो गया है। ग्लोबल वार्मिंग के इस दौर में धरती को बचाने के लिए अधिक से अधिक पौधे लगाने और उनके संरक्षण का संकल्प लेना होगा। उन्होंने कहा कि संगठन का उद्देश्य केवल पौधरोपण तक सीमित नहीं है, बल्कि पौधों को संरक्षित कर उन्हें वृक्ष के रूप में विकसित करना भी है। प्रत्येक व्यक्ति को अपने जीवन में कम से कम एक पौधा अवश्य लगाना चाहिए।
इस अवसर पर संगठन के पदाधिकारी सुनील यादव एवं विकास कुमार अग्रहरि ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण आज समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है। यदि आने वाली पीढ़ियों को शुद्ध हवा और स्वस्थ वातावरण देना है तो वृक्षारोपण को जन आंदोलन बनाना होगा।तहसील अध्यक्ष धर्मेंद्र मिश्रा ने कहा कि प्रकृति के संतुलन को बनाए रखने में पेड़-पौधों की महत्वपूर्ण भूमिका है। वृक्ष हमें न केवल ऑक्सीजन प्रदान करते हैं, बल्कि पर्यावरण को संतुलित बनाए रखने में भी सहायक हैं। उन्होंने लोगों से पौधे लगाने के साथ-साथ उनके संरक्षण का भी संकल्प लेने का आह्वान किया।वृक्षारोपण कार्यक्रम के बाद संगठन के सक्रिय सदस्य प्रेम कुमार के भाई के असामयिक निधन की सूचना मिलने पर एसोसिएशन के सभी पदाधिकारी उनके पैतृक आवास पहुंचे। वहां उन्होंने दिवंगत आत्मा की शांति के लिए दो मिनट का मौन रखकर श्रद्धांजलि अर्पित की तथा शोकाकुल परिजनों को ढांढस बंधाया। जिलाध्यक्ष ने कहा कि दुख की इस घड़ी में पूरा पत्रकार संगठन पीड़ित परिवार के साथ खड़ा है और हर संभव सहयोग के लिए सदैव तत्पर रहेगा।कार्यक्रम में सुनील यादव, विकास कुमार अग्रहरि, धर्मेंद्र मिश्रा, प्रेम कुमार सहित इंडियन जर्नलिस्ट एसोसिएशन के पदाधिकारी, सदस्य एवं स्थानीय ग्रामीण उपस्थित रहे।
