एक करोड़ 13 लाख रुपये की नकली व नशीली दवाएं सीज, तीन अवैध गोदामों पर छापा

तीन दिन तक चली संयुक्त कार्रवाई, एक आरोपी गिरफ्तार, मुख्य आरोपी फरार

एनडीपीएस एक्ट के तहत एफआईआर दर्ज, 19 दवाओं के नमूने जांच के लिए भेजे गए

गोंडा, 19 जुलाई 2026। प्रदेश में नकली एवं नशीली दवाओं के अवैध कारोबार के विरुद्ध चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत जनपद गोंडा में खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन तथा पुलिस की संयुक्त टीम ने बड़ी कार्रवाई करते हुए बिना लाइसेंस संचालित तीन अवैध औषधि गोदामों से लगभग 1 करोड़ 13 लाख रुपये मूल्य की नारकोटिक्स, कोडीन सिरप एवं अन्य एलोपैथिक औषधियां बरामद कर सीज कर दीं। कार्रवाई के दौरान एक आरोपी को गिरफ्तार किया गया, जबकि मुख्य आरोपी फरार हो गया, जिसकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस लगातार दबिश दे रही है।


खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन मुख्यालय, लखनऊ के निर्देशन में प्राप्त गोपनीय अभिसूचना के आधार पर जनपद गोंडा के बरियार पुरवा, सोनार गली, बड़गांव क्षेत्र में 16, 17 एवं 18 जुलाई 2026 तक लगातार तीन दिनों तक विशेष सघन छापामार अभियान चलाया गया। इस अभियान में प्रदेश के 9 जनपदों के औषधि निरीक्षकों तथा स्थानीय पुलिस बल की संयुक्त टीम ने भाग लिया। संयुक्त टीम सबसे पहले गोंडा-बलरामपुर मार्ग स्थित जयनगरा, बड़गांव में संचालित बताए गए अमन फार्मास्युटिकल्स की जांच के लिए पहुंची। जांच के दौरान फर्म निर्धारित पते पर संचालित नहीं मिली और न ही वहां कोई साइन बोर्ड लगा पाया गया।

इसके बाद टीम ने पूछताछ करते हुए संचालक अमन कसौधन के आवास पर पहुंचकर जांच की। पूंछताछ के दौरान अमन के भाई शिवम कसौधन ने स्वीकार किया कि वह और उसका भाई बरियार पुरवा स्थित एक स्थान से औषधियों का कारोबार करते हैं तथा उनके पास औषधि कारोबार से संबंधित कोई वैध लाइसेंस नहीं है। जांच आगे बढ़ने पर टीम को इनके द्वारा संचालित दो अन्य गोदामों की भी जानकारी मिली, जो बिना किसी वैधानिक औषधि अनुज्ञप्ति के अवैध रूप से संचालित किए जा रहे थे।

छापेमारी के दौरान जब टीम ने औषधियों के क्रय-विक्रय संबंधी अभिलेख, खरीद बिल, स्टॉक रजिस्टर एवं अन्य वैधानिक दस्तावेज प्रस्तुत करने को कहा तो संचालक कोई भी दस्तावेज उपलब्ध नहीं करा सके। इसके बाद तीनों गोदामों में रखी भारी मात्रा में दवाओं को मौके पर ही सीज कर दिया गया। कार्रवाई के दौरान बरामद औषधियों में 53,712 डिपट्राम प्लस कैप्सूल, 14,700 अल्ट्रानिम-पी टैबलेट, 59,256 प्रोक्सीस्पास कैप्सूल, 2,82,960 सेम्प्लेक्स प्लस कैप्सूल, 32,160 रोमर स्पास कैप्सूल, 1,96,000 ट्रामाडोल इंजेक्शन, 60,000 अल्जोमैक 0.5 (अल्प्राजोलम) टैबलेट तथा 63 बोतल कोडीन फॉस्फेट सिरप (एनरेक्स/वनरेक्स) सहित बड़ी मात्रा में अन्य एलोपैथिक औषधियां शामिल हैं। बरामद दवाओं का अनुमानित बाजार मूल्य लगभग 1 करोड़ 13 लाख रुपये आंका गया है।

संयुक्त टीम ने जांच के लिए 19 विभिन्न औषधियों के नमूने भी एकत्र किए हैं, जिन्हें तत्काल राजकीय प्रयोगशाला में परीक्षण हेतु भेज दिया गया है। परीक्षण रिपोर्ट प्राप्त होने तथा विवेचना पूरी होने के बाद संबंधित दोषी व्यक्तियों एवं फर्मों के विरुद्ध औषधि एवं प्रसाधन सामग्री अधिनियम, 1940 की प्रासंगिक धाराओं के अंतर्गत विधिक कार्रवाई करते हुए परिवाद दाखिल किया जाएगा।


कार्रवाई के दौरान पुलिस ने मुख्य संचालकों में शामिल शिवम कसौधन पुत्र प्रमोद कसौधन निवासी रानी बाजार, बड़गांव, गोंडा को गिरफ्तार कर लिया। वहीं उसका भाई एवं इस अवैध कारोबार का मुख्य संचालक अमन कसौधन मौके से फरार हो गया। उसकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस की कई टीमें संभावित ठिकानों पर लगातार दबिश दे रही हैं।


अधिकारियों ने बताया कि अवैध रूप से मनःप्रभावी एवं नशीली औषधियों का कारोबार कर युवाओं में नशे की प्रवृत्ति को बढ़ावा देने जैसे गंभीर अपराध को देखते हुए आरोपियों के विरुद्ध स्वापक औषधि एवं मनःप्रभावी पदार्थ (एनडीपीएस) अधिनियम, 1985 की धारा 8/21 के तहत थाना कोतवाली नगर, गोंडा में एफआईआर संख्या 0676, दिनांक 19 जुलाई 2026 दर्ज कराई गई है।


खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि प्रदेश सरकार नकली, अवैध एवं नशीली दवाओं के कारोबार के विरुद्ध शून्य सहनशीलता (Zero Tolerance) की नीति पर कार्य कर रही है। ऐसे अवैध नेटवर्क के विरुद्ध आगे भी लगातार अभियान चलाकर कठोर कार्रवाई की जाएगी, ताकि आमजन के स्वास्थ्य की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके तथा समाज में नशीली दवाओं के दुरुपयोग पर प्रभावी अंकुश लगाया जा सके।

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