रेलवे हिज़ाफा। रेलवे ने माल ढुलाई और यात्री सेवा दोनों क्षेत्रों में अच्छी वृद्धि दर्ज की। ज्यादा माल ढुलाई, यात्रियों के आवागमन में बढ़ोतरी, बेहतर राजस्व अर्जन और आवश्यक वस्तुओं की बढ़ी हुई आवाजाही, आर्थिक वृद्धि को समर्थन करने, लॉजिस्टिक सुविधाओं को मजबूत करने और पूरे देश में भरोसेमंद आवागमन की सुविधा प्रदान करने में भारतीय रेल की महत्वपूर्ण भूमिका को दर्शाता हैं।

भारतीय रेल ने जुलाई 2026 में 141.3 मिलियन टन माल ढुलाई की, जबकि पिछले साल इसी महीने में 129.7 मिलियन टन माल ढुलाई हुई थी, जो 9 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्शाता है। यह मजबूत निष्पादन आधारित अर्थव्यवस्था के प्रमुख क्षेत्र में लगातार मांग और माल ढुलाई से जुड़ी लॉजिस्टिक सुविधाओं और संचालनात्मक दक्षता को बेहतर बनाने की लगातार कोशिशों को दर्शाता है।
जुलाई 2026 के दौरान कई बड़े कमोडिटी समूहों ने साल-दर-साल अच्छी वृद्धि दर्ज की। लौह अयस्क की ढुलाई में 22.2 प्रतिशत, कोयले में 11.5 प्रतिशत, अनाज में 11.5 प्रतिशत, फर्टिलाइजर में 12 प्रतिशत और बाकी दूसरे सामान में 12.1 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई, जो इंफ्रास्ट्रक्चर, विनिर्माण और कृषि क्षेत्र से मजबूत मांग को दिखाता है। थर्मल पावर संयंत्रों में कोयले की मांग बढ़ने के साथ, भारतीय रेल ने पिछले साल इसी महीने की तुलना में जुलाई में विद्युत संयंत्रों को घरेलू कोयले की आपूर्ति 20 प्रतिशत बढ़ा दी।
माल ढुलाई में बढ़ोतरी की वजह से जुलाई 2025 में माल ढुलाई से 1,137 करोड़ रुपये का अतिरिक्त राजस्व अर्जित हुआ, जो 8 प्रतिशत की बढ़ोतरी है। जोनल रेलवे में, पूर्व-मध्य रेलवे (33 प्रतिशत), पूर्व रेलवे (33 प्रतिशत), पश्चिम-मध्य रेलवे (23 प्रतिशत) और दक्षिण-पूर्व रेलवे (10.33 प्रतिशत) ने माल ढुलाई से प्राप्त राजस्व में अच्छी बढ़ोतरी दर्ज की। जुलाई 2026 में भारतीय रेल ने 63.35 करोड़ पैसेंजर को ढोया, जबकि पिछले साल इसी महीने में यह संख्या 62.19 करोड़ थी।
उपनगरीय और गैर-उपनगरीय, दोनों क्षेत्रों में पैसेंजर ट्रैफिक बढ़ता रहा, जो देश भर में रेल यात्रा के लिए बढ़ती पसंद को दिखाता है।भारतीय रेल माल ढुलाई की लॉजिस्टिक सुविधाओं को मजबूत करने, यात्री सेवाओं को बेहतर बनाने और आधुनिक रेल इंफ्रास्ट्रक्चर को बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है। संचालनात्मक दक्षता में लगातार सुधार, क्षमता बढ़ाने और ग्राहक-केंद्रित पहलों के जरिए भारतीय रेल महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।
