रांची। झारखंड प्रदेश कांग्रेस कमिटी के प्रदेश प्रवक्ता विजय शंकर नायक ने कहा कि झारखंड के छात्र न्याय, पारदर्शिता और रोजगार की मांग कर रहे हैं। कांग्रेस उनके साथ खड़ी है। भाजपा उनके कंधों पर राजनीति करने में लगी है दिल्ली के मामलो में चुप्पी और झारखण्ड के मामलो में मुखरता भाजपा की दोहरी राजनीती को बेनकाब करती है |

उन्होंने कहा कि लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने आंदोलनरत छात्र प्रतिनिधियों से वीडियो कॉल पर सीधे संवाद कर यह साबित कर दिया कि कांग्रेस युवाओं की आवाज़ सुनती भी है और उसे राष्ट्रीय स्तर पर उठाती भी है। राहुल गांधी ने छात्रों की बात सुनी, उनका मनोबल बढ़ाया और भरोसा दिलाया कि न्यायपूर्ण भर्ती व्यवस्था के लिए कांग्रेस हर लोकतांत्रिक लड़ाई लड़ेगी।
विजय शंकर नायक ने कहा कि दूसरी ओर झारखंड प्रदेश कांग्रेस के प्रभारी के. राजू के नेतृत्व में कांग्रेस के प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से मुलाकात कर छात्रों की मांगों को विस्तार से रखा। मुख्यमंत्री ने भी सकारात्मक रुख दिखाते हुए समाधान की दिशा में संवाद का मार्ग अपनाया। यही जिम्मेदार राजनीति है—सड़क से उठी आवाज़ को सत्ता तक पहुँचाना और समाधान की दिशा में काम करना।
उन्होंने कहा कि भाजपा को यह बताना चाहिए कि जब वह सत्ता में थी तब भर्ती प्रक्रियाओं को लेकर उठे विवादों और न्यायालयों तक पहुँचे मामलों के समाधान के लिए उसने कौन-से स्थायी संस्थागत सुधार किए। दिल्ली के छात्र युवा आन्दोलन में बर्बरता पूर्वक लाठी चलाने वाली आज वही भाजपा छात्रों की पीड़ा को राजनीतिक हथियार बनाकर केवल सुर्खियाँ बटोरने का प्रयास कर रही है।
युवाओं का भविष्य प्रेस कॉन्फ्रेंस और विधानसभा में सिर्फ नौटंकी कर विधानसभा को वाधित कर रही है | आज नारेबाज़ी से नहीं, बल्कि पारदर्शी व्यवस्था और जवाबदेही से सुरक्षित होगा युवाओ और छात्रो का भविष्य ।
विजय शंकर नायक ने कहा कि कांग्रेस का रुख बिल्कुल स्पष्ट है—यदि किसी भर्ती प्रक्रिया में कथित अनियमितता की शिकायत आती है तो उसकी निष्पक्ष, पारदर्शी और समयबद्ध जांच होनी चाहिए।
यदि कोई दोषी पाया जाता है तो उसके विरुद्ध कठोर कार्रवाई हो, लेकिन लाखों मेहनती और ईमानदार अभ्यर्थियों का भविष्य किसी भी स्थिति में प्रभावित नहीं होना चाहिए। उन्होंने कहा कि कांग्रेस युवाओं के साथ खड़ी है, क्योंकि कांग्रेस संवाद में विश्वास करती है। राहुल गांधी ने संवाद किया, के. राजू ने पहल की, मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने बातचीत का रास्ता अपनाया। यही लोकतांत्रिक राजनीति है। इसके विपरीत केवल विरोध के लिए विरोध करना और हर मुद्दे पर राजनीतिक लाभ तलाशना युवाओं की समस्याओं का समाधान नहीं है।
विजय शंकर नायक ने कहा कि झारखंड का युवा राजनीतिक नाटक नहीं, न्याय चाहता है; आरोपों की राजनीति नहीं, पारदर्शी भर्ती चाहता है; टकराव नहीं, समाधान चाहता है। कांग्रेस इसी रास्ते पर चल रही है और आगे भी युवाओं के अधिकार, रोजगार और सामाजिक न्याय की लड़ाई पूरी मजबूती से लड़ती रहेगी।
उन्होंने अंत में कहा कि “कांग्रेस का एजेंडा समाधान है, भाजपा का एजेंडा सिर्फ सियासत कर अपने पूर्व में किये गये पापो से ध्यान हटा कर अपनी राजनीती चमकाना भर है वह सिर्फ हेमंत सरकार की भर्तियो 6 वर्ष की सीबीआई से जाँच करने की मांग करती है और अपने घोटालो वाले भर्तियो के बारे में कुछ नही बोलती है । झारखंड का युवा समझदार है और वह दोनों के बीच का अंतर भली-भाँति जानता है।”
