मिहींपुरवा में चौथे दिन समाप्त हुआ विद्युत समस्या को लेकर धरना, एसडीएम ने जूस पिलाकर तुड़वाया अनशन

मिहींपुरवा/बहराइच। मिहींपुरवा क्षेत्र में लो-वोल्टेज की समस्या के स्थायी समाधान, विद्युत आपूर्ति में सुधार तथा नवीन विद्युत उपकेंद्र की स्थापना की मांग को लेकर चार दिनों से चल रहा धरना-प्रदर्शन बुधवार को प्रशासन एवं विद्युत विभाग के आश्वासन के बाद समाप्त हो गया। आमरण अनशन कर रहे युवाओं का एसडीएम मिहींपुरवा मोनालिसा जौहरी ने जूस पिलाकर अनशन तुड़वाया।

आमरण अनशन पर राहुल मद्धेशिया, श्रेयांश यशस्वी, रितिक सिंह, अभय यादव, नीरज कुमार सिंह एवं उत्कर्ष सिंह , शाहनवाज बैठे थे। चार दिनों तक अन्न-जल त्यागकर जनहित की मांग को लेकर डटे रहे इन युवाओं के साहस, धैर्य और दृढ़ संकल्प की क्षेत्र में सराहना की गई।

वहीं, मिहींपुरवा के ग्रामीणों एवं क्षेत्रवासियों ने आंदोलन को अपना समर्थन देते हुए धरना स्थल पर सहभागिता की और धरने को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। क्षेत्रवासियों की एकजुटता और जनसमर्थन के चलते विद्युत समस्या का मुद्दा प्रभावी ढंग से प्रशासन एवं विद्युत विभाग के समक्ष रखा गया।

धरना स्थल पर विद्युत वितरण मंडल-बहराइच के अधीक्षण अभियंता एवं विद्युत वितरण खंड-नानपारा के अधिशासी अभियंता पहुंचे। अधिकारियों ने आंदोलनकारियों एवं ग्रामीणों से वार्ता कर क्षेत्र की विद्युत व्यवस्था में सुधार के लिए स्वीकृत एवं प्रस्तावित कार्यों की जानकारी दी।

विभाग के अनुसार वित्तीय वर्ष 2026-27 के बिजनेस प्लान के तहत पांच वितरण परिवर्तकों की क्षमता वृद्धि का कार्य स्वीकृत है, जिसे 15 दिनों के भीतर पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इसके अलावा मिहींपुरवा की 33 केवी विद्युत लाइन के सुदृढ़ीकरण के दो कार्य स्वीकृत हैं, जिन्हें 25 दिनों के भीतर पूरा किया जाना प्रस्तावित है।

इसके अतिरिक्त 05 एमवीए पावर परिवर्तक की स्थापना, एलटी लाइन सुदृढ़ीकरण के तीन कार्य, 14 वितरण परिवर्तकों की क्षमता वृद्धि, सात नए वितरण परिवर्तकों की स्थापना तथा फीडर बाइफरकेशन एवं इंटरपोलिंग के कार्य भी प्रस्तावित किए गए हैं।

अधिकारियों ने आश्वस्त किया कि उक्त कार्यों के पूर्ण होने के बाद क्षेत्र में विद्युत आपूर्ति की गुणवत्ता में सुधार होगा तथा लो-वोल्टेज की समस्या से भी राहत मिलने की उम्मीद है।

आंदोलन के दौरान सीओ मिहींपुरवा मोतीपुर एच एस ओ भी मौके पर मौजूद रहे। प्रशासन, विद्युत विभाग और ग्रामीणों के बीच संवाद एवं समन्वय बनाए रखने में उनकी भूमिका भी रही।

विभागीय अधिकारियों की कार्ययोजना एवं आश्वासन के बाद आंदोलनकारियों ने धरना समाप्त करने पर सहमति जताई। इसके बाद एसडीएम मोनालिसा जौहरी ने अनशनकारियों को जूस पिलाकर आमरण अनशन समाप्त कराया।

चार दिनों तक चले इस आंदोलन में अनशनकारियों के संघर्ष और क्षेत्रवासियों की एकजुटता ने जनसमस्या को प्रमुखता से सामने रखा। अब क्षेत्रवासियों की निगाह विद्युत विभाग द्वारा घोषित कार्यों के समयबद्ध क्रियान्वयन पर है, ताकि मिहींपुरवा की विद्युत व्यवस्था में स्थायी सुधार हो सके।

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