कई दिनों से दहशत में थे ग्रामीण, बकरियों और मवेशियों का कर चुकी थी शिकार
संवाददाता आकाश मिश्र बहराइच
बहराइच। कतर्नियाघाट वन्यजीव प्रभाग के ककराहा रेंज स्थित देवनपुरा गांव के पास पिछले कई दिनों से ग्रामीणों के लिए दहशत का कारण बनी मादा तेंदुआ शुक्रवार तड़के वन विभाग के पिंजरे में कैद हो गई। करीब चार बजे तेंदुआ पिंजरे में फंस गया। इसके बाद ग्रामीणों ने राहत की सांस ली। ग्रामीणों के अनुसार, पिछले कई दिनों से तेंदुए की गांव के आसपास लगातार आवाजाही हो रही थी। इस दौरान उसने कई बकरियों और अन्य मवेशियों का शिकार भी किया था। तेंदुए की मौजूदगी से ग्रामीणों में भय का माहौल बना हुआ था।

ग्रामीणों की मांग पर वन विभाग ने आवश्यक अनुमति के बाद गांव के बाहरी हिस्से में रणनीतिक तरीके से पिंजरा लगाया था। वन विभाग की टीम लगातार तेंदुए की गतिविधियों पर नजर रख रही थी। शुक्रवार सुबह तड़के मादा तेंदुआ पिंजरे में दाखिल हुई और सुरक्षित रूप से पकड़ ली गई। प्रभागीय वनाधिकारी अपूर्व दीक्षित ने बताया कि पकड़ी गई मादा तेंदुआ की उम्र करीब तीन वर्ष है। पशु चिकित्सकों की टीम ने उसका स्वास्थ्य परीक्षण किया, जिसमें वह स्वस्थ पाई गई।
डीएफओ के मुताबिक, राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण (NTCA) और वन विभाग की मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) के तहत तेंदुए को सुरक्षित स्थान पर ले जाकर उसके प्राकृतिक आवास में छोड़ा जाएगा। पूरी प्रक्रिया निर्धारित दिशा-निर्देशों के अनुसार पूरी की जा रही है।
