अलीगंज। क्षेत्र की आशा कार्यकर्ताओं ने संगिनियों पर निर्धारित कार्यों के अतिरिक्त काम का दबाव बनाने और प्रति आशा कार्यकर्ता ₹2000 की मांग करने का आरोप लगाते हुए शनिवार को संपूर्ण समाधान दिवस के दौरान तहसील परिसर में धरना-प्रदर्शन किया। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने नारेबाजी कर अपनी नाराजगी जताई और जिलाधिकारी एम. अरुनमोली से मामले में हस्तक्षेप कर न्याय दिलाने की मांग की।

आशा कार्यकर्ताओं का आरोप है कि संगिनियों द्वारा निर्धारित जिम्मेदारियों के अतिरिक्त अन्य कार्य करने का दबाव बनाया जाता है। इसके साथ ही प्रत्येक आशा कार्यकर्ता से ₹2000 देने को कहा जाता है। आरोप है कि धनराशि नहीं देने पर उनका भुगतान रोक दिया जाता है। इससे आशा कार्यकर्ताओं को आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
कार्यकर्ताओं ने कहा कि वे ग्रामीण क्षेत्रों में गर्भवती महिलाओं, नवजात शिशुओं और अन्य जरूरतमंद लोगों तक स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। इसके बावजूद उन पर अतिरिक्त काम और कथित धनराशि की मांग का दबाव बनाया जाना अनुचित है।

धरना-प्रदर्शन के दौरान आशा कार्यकर्ताओं ने प्रशासन से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने और उनकी समस्याओं का समाधान करने की मांग की। उन्होंने कथित रूप से धनराशि मांगने तथा भुगतान रोकने के मामले में दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ कार्रवाई की मांग भी उठाई।
मामले को लेकर जिलाधिकारी के निर्देश पर मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) राजेंद्र सिंह ने शिकायत का संज्ञान लेते हुए संबंधित आशा कार्यकर्ताओं के बयान दर्ज किए। सीएमओ ने बताया कि मामले की जांच कराई जाएगी और तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। जो भी दोषी होगा उसे बख्सा बक्सा नहीं जाएगा।
