शर्मनाक! गोंडा में पत्रकार पर पुलिस का कहर, थानाध्यक्ष पर पिटाई का गंभीर आरोप
गोंडा। जनपद गोंडा में इन दिनों पत्रकारों पर हमले थमने का नाम नहीं ले रहे हैं। जिले में 48 घंटे के अंदर पत्रकारों पर हुए दो बड़े हमलों ने कानून-व्यवस्था की पोल खोल दी है। एक तरफ खाकी का कहर तो दूसरी तरफ दबंगों का आतंक, गोंडा में पत्रकार खुद को असुरक्षित महसूस कर रहे हैं। पुलिस की कार्यशैली पर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। आरोप है कि अपराधियों पर कार्रवाई करने के बजाय पुलिस का बूट अब लोकतंत्र के चौथे स्तंभ पर बरस रहा है।

ताजा मामला उमरी बेगमगंज थाने का है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, हाल ही में चौकी इंचार्ज से थानाध्यक्ष उमरी बेगमगंज बने पवन मिश्रा ने अपने हमराहियों के साथ मिलकर पत्रकार अतुल तिवारी के साथ हैवानियत की। आरोप है कि महज डेढ़ सौ रुपये के मामूली विवाद को लेकर पत्रकार को लाठियों और जूतों से बेरहमी से पीटा गया। घटना के बाद पत्रकारों में भारी आक्रोश है। पत्रकारों का कहना है कि एक तरफ दबंग बदमाश दिनदहाड़े पत्रकारों पर जानलेवा हमला कर रहे हैं, तो दूसरी तरफ रक्षक बनी पुलिस ही भक्षक बनकर पत्रकारों का उत्पीड़न कर रही है।

यही नहीं शुक्रवार दोपहर करीब 2.30 बजे दीवानी कचहरी गेट के पास हनुमान मंदिर के निकट चाय पी रहे मीडियाकर्मी सत्यम मिश्रा पर 5-6 दबंगों ने लाठी-डंडे और धारदार हथियारों से जानलेवा हमला कर उनका सिर फोड़ दिया था। घायल पत्रकार को गोंडा मेडिकल कॉलेज के इमरजेंसी वार्ड में भर्ती कराया गया है। इस घटना से कानून व्यवस्था की खुलेआम धज्जियां उड़ती दिखी।
बताया जा रहा है कि अंबेडकर चौराहे पर वकीलों के प्रदर्शन के दौरान हुए पुराने विवाद की रंजिश में यह हमला किया गया। सीओ सिटी योगेंद्र सिंह ने बताया कि मामले में केस दर्ज कर एक आरोपी की गिरफ्तारी करके न्यायालय रवाना किया गया है, शेष अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी का प्रयास किया जा रहा है।

उठ रहे हैं गंभीर सवाल
जब जिले में पत्रकार ही सुरक्षित नहीं हैं तो आम जनता की सुरक्षा का क्या होगा? इस घटना ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर बड़ा प्रश्नचिन्ह लगा दिया है। वर्दीधारी रक्षकों द्वारा की गई इस हैवानियत से पत्रकार जगत में भारी आक्रोश है।
पत्रकारों में उबाल, उठा बड़ा सवाल
पत्रकार संगठनों ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, डीजीपी, एडीजी गोरखपुर जोन, डीआईजी देवीपाटन, पुलिस अधीक्षक गोंडा से मामले का संज्ञान लेकर आरोपी थानाध्यक्ष के विरुद्ध सख्त विभागीय कार्रवाई और निलंबन की मांग की है। साथ ही पत्रकारों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की भी अपील की है।
