2800 ग्रेड पे और वेतन विसंगति दूर करने से लेकर अंतरमंडलीय स्थानांतरण तक आठ मांगों को लेकर तहसीलदार कार्यालय के बाहर धरना—मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन सौंपा, 24 अक्टूबर से जिला स्तर पर आंदोलन की चेतावनी

अलीगंज। उत्तर प्रदेश लेखपाल संघ की लंबे समय से लंबित मांगों को लेकर शनिवार को तहसील अलीगंज में लेखपालों ने संपूर्ण समाधान दिवस का बहिष्कार करते हुए कलम बंद कर दी। लेखपाल तहसीलदार कार्यालय के बाहर एक दिवसीय धरने पर बैठे और अपनी मांगों के समर्थन में जमकर नारेबाजी की। लेखपालों ने शासन से लंबित मांगों का शीघ्र समाधान किए जाने की मांग उठाई।
लेखपाल संघ के जिलाध्यक्ष राजेश वर्मा ने बताया कि संगठन की ओर से शनिवार को तहसील अलीगंज में आयोजित संपूर्ण समाधान दिवस का बहिष्कार किया गया है। सभी लेखपालों ने कलम बंद रखकर कार्य से विरत रहते हुए तहसीलदार कार्यालय के बाहर एक दिवसीय धरना-प्रदर्शन किया। उन्होंने बताया कि धरने के दौरान लेखपाल संघ की ओर से मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन भी अधिकारियों को सौंपा जाएगा।
2800 ग्रेड पे और वेतन विसंगति का मुद्दा प्रमुख
जिलाध्यक्ष राजेश वर्मा ने बताया कि लेखपाल लंबे समय से प्रारंभिक वेतनमान में 2800 ग्रेड पे दिए जाने की मांग कर रहे हैं। इसके साथ ही वेतन विसंगतियों को दूर किए जाने की मांग भी लगातार शासन के समक्ष रखी जा रही है। उनका कहना है कि इन मांगों को लेकर लंबे समय से संगठन की ओर से आवाज उठाई जा रही है, लेकिन अभी तक अपेक्षित समाधान नहीं हुआ है।
लेखपालों ने अंतरमंडलीय स्थानांतरण की प्रक्रिया शुरू किए जाने की मांग भी उठाई। संघ का कहना है कि अंतरमंडलीय स्थानांतरण नहीं होने के कारण लेखपालों को लंबे समय से परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
पदोन्नति और डीपीसी में देरी पर भी नाराजगी
लेखपाल संघ ने चयन वर्ष 2025-26 की पदोन्नति सूची जारी होने के बाद समय से डीपीसी नहीं किए जाने का मुद्दा भी उठाया। जिलाध्यक्ष ने बताया कि इस संबंध में कई बार शासन स्तर तक अपनी बात पहुंचाई जा चुकी है, लेकिन अभी तक इस पर अपेक्षित कार्रवाई नहीं हो सकी है।
इसके अलावा संघ ने 16 वर्षों से बाल्यावकाश में वृद्धि नहीं किए जाने को भी अपनी मांगों में शामिल किया है। लेखपालों का कहना है कि लंबे समय से इस संबंध में भी मांग की जा रही है।
ग्राम सचिवालयों में सुविधाएं और सुरक्षा व्यवस्था की मांग
लेखपालों ने ग्राम सचिवालयों में पर्याप्त आधारभूत सुविधाएं और सुरक्षा व्यवस्था उपलब्ध कराने की मांग भी उठाई। संघ की ओर से ग्राम सचिवालयों में सुविधाओं के अभाव के बीच लेखपालों का रोस्टर लगाए जाने का मुद्दा भी धरने के दौरान उठाया गया।
जिलाध्यक्ष ने कहा कि लेखपालों से लगातार विभागीय कार्यों के साथ ऑनलाइन और तकनीकी कार्य भी कराए जा रहे हैं। इसके बावजूद लेखपाल पद को अभी तक तकनीकी पद का दर्जा नहीं दिया गया है।
लैपटॉप और मोबाइल समेत तकनीकी संसाधन देने की मांग
लेखपाल संघ ने लेखपाल पद को तकनीकी पद घोषित करने के साथ ही कार्य की प्रकृति के अनुरूप आवश्यक तकनीकी संसाधन उपलब्ध कराने की मांग की है। संघ की मांग है कि लेखपालों को लैपटॉप और मोबाइल सहित अन्य आधुनिक तकनीकी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं, जिससे ऑनलाइन एवं तकनीकी कार्यों को सुचारु रूप से पूरा किया जा सके।
24 अक्टूबर से जिला स्तर पर भी होगा धरना
जिलाध्यक्ष राजेश वर्मा ने बताया कि वर्तमान में संगठन की ओर से चरणबद्ध तरीके से आंदोलन किया जा रहा है। तहसील अलीगंज में एक दिवसीय धरना और संपूर्ण समाधान दिवस के बहिष्कार के बाद आगामी 24 अक्टूबर से जिला स्तर पर भी धरना-प्रदर्शन किया जाएगा। उन्होंने कहा कि संगठन अपनी मांगों को शासन तक पहुंचाने के लिए आंदोलन जारी रखेगा।
धरने में लेखपाल संघ के जिलाध्यक्ष राजेश वर्मा, अरुण कुमार, राजीव यादव, सुशील कुमार, गिरिराज, आकाश, धर्मेंद्र कुमार, संगीता, दीक्षा यादव, प्रवीण कुमार सहित तीन दर्जन से अधिक लेखपाल मौजूद रहे। लेखपालों ने शासन से अपनी आठ सूत्रीय मांगों पर शीघ्र निर्णय लिए जाने की मांग की।
दिलीप सिंह मडल ब्यूरो एटा
