गोंडा में सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं की साख पर बट्टा,कर्नलगंज सीएचसी की सरकारी एंबुलेंस बनी निजी अस्पतालों की टैक्सी

सरकारी एंबुलेंस से निजी अस्पतालों तक मरीज पहुंचाने का आरोप,तस्वीरें-वीडियो वायरल, जिम्मेदारों की भूमिका संदिग्ध

गोंडा। जिले के कर्नलगंज सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) में सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं के दुरुपयोग का गंभीर मामला सामने आया है। आरोप है कि यहां गंभीर व गरीब मरीजों के लिए आरक्षित सरकारी एंबुलेंस को निजी अस्पतालों तक मरीज पहुंचाने में इस्तेमाल किया जा रहा है। यह पूरा मामला सीएचसी प्रशासन की कथित मिलीभगत से चलने का आरोप लगाया जा रहा है। सूत्रों के मुताबिक कुछ चिकित्सक, नर्स, आशा कार्यकत्रियां और स्थानीय दलालों की आपसी साठगांठ से मरीजों को पहले सरकारी सीएचसी लाया जाता है, इसके बाद कमीशन के खेल में उन्हें सीधे निजी अस्पतालों, विशेषकर रॉयल हॉस्पिटल, भेज दिया जाता है।

इस दौरान सरकारी एंबुलेंस का खुलेआम उपयोग किया जा रहा है। इस कथित एंबुलेंस रैकेट से जुड़ी तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रही हैं। वायरल तस्वीरों में एक सरकारी एंबुलेंस को निजी अस्पताल से मरीज लाते-ले जाते देखा जा सकता है, जबकि दूसरी एंबुलेंस उसी अस्पताल के पीछे खड़ी नजर आ रही है। इससे यह संकेत मिलता है कि मामला सुनियोजित और संगठित है।

सबसे बड़ा सवाल यह है कि सीएचसी के जिम्मेदार अधिकारी इस पूरे मामले पर चुप क्यों हैं। अब तक कोई ठोस कार्रवाई न होना, पूरे प्रकरण में संरक्षण के आरोपों को और गहरा करता है। स्थानीय लोगों का कहना है कि सरकारी एंबुलेंस का उद्देश्य आपातकालीन स्थिति में गरीब और गंभीर मरीजों की जान बचाना है, लेकिन कर्नलगंज सीएचसी में इसे निजी अस्पतालों की फ्री टैक्सी सेवा बना दिया गया है।

इससे सरकारी धन की बर्बादी के साथ-साथ जरूरतमंद मरीजों के अधिकारों का भी हनन हो रहा है। लोगों ने मामले की उच्चस्तरीय जांच, एंबुलेंस की लॉग बुक की जांच, सीसीटीवी फुटेज खंगालने और दोषियों पर तत्काल एफआईआर दर्ज करने की मांग की है।

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