कर्नलगंज,गोंडा। साहित्यिक संस्था ‘बज़्मे शामे ग़ज़ल ‘ की एक विशेष शोक गोष्ठी अल्लामा इक़बाल लाइब्रेरी मो० बालूगंज में आयोजित हुई, जिसकी अध्यक्षता अब्दुल गफ्फार ठेकेदार ने की। क़ारी रईस कादरी ने तिलावते कुरआन से आगाज़ किया। तत्पश्चात सलीम बेदिल ने नात पेश की। संचालन करते हुए याकूब सिद्दीक़ी ‘अज़्म’ ने शोक प्रस्ताव प्रस्तुत किया। संस्था के महामन्त्री मुजीब अहमद सिद्दीक़ी की पत्नी के असामयिक निधन पर संस्था की ओर से गहरा शोक व्यक्त किया गया।

नियाज़ अहमद क़मर व डा० हबीबुल्लाह ने घर वालों को मरहूमा की पुण्यात्मा को सवाब पहुंचाने का आवाह्न किया। मौलाना उवैस कादरी ने कुरआन व हदीस के हवाले से मौत और ज़िन्दगी के फलसफे पर व्याख्यान दिया। वसीम अहमद ने मरहूमा का ज़िक्र करते हुए उन्हें नेक और संस्कारी महिला बताया। अल्ताफ हुसैन राईनी, साबिर अली गुड्डू, उत्तम कुमार ‘शोला’ व निजामुद्दीन शम्स ने संवेदना व्यक्त करते हुए शोक संतप्त परिवार को ढांढस बंधाया।
असगर गोण्डवी फाउन्डेशन गोण्डा के संरक्षक नजमी कमाल खां ने श्रद्धासुमन अर्पित करते हुए मरहूमा के लिए दुआ की।क्षइमरान मसऊदी ने मां पर नज़्म पेश की। संरक्षक गणेश तिवारी ‘नेश’ ने भावपूर्ण गीत प्रस्तुत किया। अध्यक्षीय संबोधन में अब्दुल गफ्फार ठेकेदार ने मरहूमा की औलादों को नेक और अच्छे काम करने की सीख दी।

मरहूमा के पति मुजीब सिद्दीक़ी ने कहा कि मरहूमा के लिए पवित्र धार्मिक स्थलों पर की जा रही दुआओं और लोगों की संवेदनाओं ने मेरे ग़म को हल्का किया है। गोष्ठी में हाजी ज़हीर वारसी, ताज मुहम्मद कुर्बान, डा० असलम हाशमी, अब्दुल कय्यूम सिद्दीक़ी, मुबीन मंसूरी, हरीश शुक्ला, सग़ीर अहमद सिद्दीक़ी, कौसर सलमानी, आफाक़ सिद्दीक़ी, हाफ़िज़ हिसामुद्दीन, अब्दुल खालिक इदरीसी, अब्दुल हई कुरैशी, मोहम्मद अहमद सुग्गू, अमीर अली, मास्टर इलियास अहमद, मास्टर इक़बाल (ए०आर०पी०), इखलाक वारिस, यासीन राजू अंसारी, आदिल असलम खां, मेराजुद्दीन व अरसलान सिद्दीक़ी आदि ने शामिल होकर संवेदना व्यक्त की। इस अवसर पर मृतका के पुत्रगण आरिफ सिद्दीक़ी (दुबई), डा० मुज्तबा हसन सिद्दीक़ी, अहसन सिद्दीक़ी, अशरफ़ सिद्दीक़ी, आमिर व फारुख मौजूद रहे। मृतात्मा के लिए दुआ पर समापन हुआ।
