व्यापारियों की समस्याओं को लेकर मुख्यमंत्री को सौंपा गया ज्ञापन

खलीलाबाद सदर विधायक अंकुराज तिवारी को सौंपते हुए ज्ञापन


संतकबीरनगर।अखिल भारतीय उद्योग व्यापार मंडल के राष्ट्रीय अध्यक्ष संदीप बंसल के नेतृत्व में आयोजित प्रदेश कार्यकारिणी की बैठक में लिए गए निर्णयों के क्रम में जनपद संत कबीर नगर में व्यापारियों की विभिन्न ज्वलंत समस्याओं को लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को संबोधित ज्ञापन सौंपा गया। यह ज्ञापन खलीलाबाद सदर विधायक अंकुर तिवारी, धनघटा विधायक गणेश चौहान एवं मेहदावल विधायक अनिल त्रिपाठी के माध्यम से प्रेषित किया गया।

व्यापारियों द्वारा धनघटा विधायक गणेश चौहान को सौंपते हुए ज्ञापन


व्यापारियों की प्रमुख समस्याएं उठाईं
ज्ञापन में व्यापार मंडल ने कहा कि व्यापारी वर्ग राज्य की अर्थव्यवस्था की रीढ़ है। कर संग्रह, रोजगार सृजन और स्थानीय बाजारों के विकास में उसकी महत्वपूर्ण भूमिका है, इसके बावजूद बीते कुछ वर्षों से व्यापारी समुदाय आर्थिक व मानसिक दबाव से गुजर रहा है। VAT से GST में संक्रमण, कोविड-19 महामारी, डिजिटल अनुपालन की जटिलताएं, ई-कॉमर्स की असंतुलित प्रतिस्पर्धा और बढ़ती प्रशासनिक सख्ती से व्यापार प्रभावित हुआ है।

व्यापारियों द्वारा मेहदावल विधायक अनिल कुमार त्रिपाठी को सौंपते हुए ज्ञापन


GST व्यवस्था में सुधार की मांग
व्यापारियों ने GST कानून को सरल बनाने, निकटवर्ती टैक्स स्लैब को मिलाकर एक करने, छोटे व्यापारियों के लिए मासिक के स्थान पर त्रैमासिक रिटर्न की व्यवस्था लागू करने तथा कंपोजीशन स्कीम की सीमा 1.5 करोड़ से बढ़ाकर 3 करोड़ रुपये करने की मांग की। साथ ही तकनीकी त्रुटियों को कर चोरी मानकर लगाए जा रहे भारी ब्याज और पेनाल्टी पर रोक लगाने तथा पुराने GST मामलों के लिए समाधान-सह-माफी योजना लागू करने की आवश्यकता बताई गई।
VAT के लंबित मामलों का स्थायी समाधान
ज्ञापन में कहा गया कि VAT व्यवस्था समाप्त हुए कई वर्ष बीत चुके हैं, फिर भी हजारों व्यापारी पुराने नोटिस, पुनर्मूल्यांकन, ब्याज और अर्थदंड के मामलों में फंसे हैं। कई मामलों में न तो रिकॉर्ड उपलब्ध हैं और न ही संबंधित अधिकारी, बावजूद इसके बैंक खाते और संपत्तियां अटैच की जा रही हैं। ऐसे सभी लंबित मामलों में केवल मूल कर लेकर ब्याज व पेनाल्टी माफ करने की मांग की गई।
सस्ते ऋण और स्थानीय व्यापार के संरक्षण की मांग
व्यापारियों ने बिना गारंटी ऋण की सीमा बढ़ाने, MSME और लघु व्यापारियों को ब्याज सब्सिडी देने, स्थानीय व्यापार को ई-कॉमर्स की अनियंत्रित छूट से बचाने, स्वदेशी व स्थानीय उत्पादों को प्रोत्साहन देने तथा सिंगल विंडो लाइसेंस प्रणाली लागू करने की मांग भी रखी। इसके साथ ही व्यापारी वर्ग के लिए पेंशन, स्वास्थ्य बीमा और दुर्घटना बीमा जैसी सामाजिक सुरक्षा योजनाएं लागू करने पर जोर दिया गया।
ये रहे मौजूद
इस अवसर पर प्रदेश उपाध्यक्ष अमित जैन, प्रदेश महामंत्री संगठन श्रवण अग्रहरि, जिला कोषाध्यक्ष हरि लाल गुप्ता, जिला उपाध्यक्ष देवेश चढ़ा, रविंद्र गुप्ता, नगर अध्यक्ष पेशकार अहमद, स्वर्णकार एसोसिएशन के अध्यक्ष रजनीश वर्मा, टेलीकॉम संगठन के अध्यक्ष हरप्रीत सिंह लकी सहित संगठन के अनेक पदाधिकारी और व्यापारी उपस्थित रहे।
व्यापार मंडल पदाधिकारियों ने कहा कि व्यापारी कर से भागना नहीं चाहता, बल्कि सरल कानून, सहज अनुपालन और सम्मानजनक व्यवहार चाहता है। यदि शासन विश्वास आधारित नीति अपनाता है तो व्यापारी वर्ग प्रदेश के आर्थिक विकास में और अधिक योगदान देगा।

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