महसी में लेखपाल की दबंगई और ‘घूसखोरी का आरोप! पीड़ित भटक रहा दर-दर, सच का सामना करने से कतरा रहे साहब

आकाश मिश्र ,ओम, बहराइच

बहराइच ।तहसील महसी
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भले ही भ्रष्टाचार पर ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति का ढिंढोरा पीट रहे हों, लेकिन जमीन पर बैठे उनके नुमाइंदे सरकार की इस साख को सरेआम बट्टा लगाने में जुटे हैं। ताजा मामला जनपद बहराइच की तहसील महसी के ग्राम पंचायत पिपरी मोहन से सामने आया है, जहाँ एक गरीब किसान को सरकारी तंत्र की घूसखोरी का दंश झेलना पड़ रहा है।

मिली जानकारी के अनुसार, पिपरी मोहन (वंशपुरवा, थाना हरदी) के निवासी धनीराम मौर्य (पुत्र रंगीलाल मौर्य) ने क्षेत्रीय लेखपाल रूद्र देव यादव पर गंभीर आरोप लगाए हैं। पीड़ित का कहना है कि लेखपाल रूद्र देव यादव ने उनके काम के एवज में मोटी घूस (रिश्वत) ऐंठ ली। घूस लेने के बाद भी पीड़ित का काम अटका हुआ है और वह न्याय के लिए अधिकारियों के चक्कर काटने को मजबूर है।

पीड़ित धनीराम मौर्य का कहना है कि उन्होंने अपनी गाढ़ी कमाई से लेखपाल की जेब भरी, लेकिन साहब की भूख है कि मिटने का नाम ही नहीं ले रही।मीडिया के फोन पर ‘साहब’ ने साधी चुप्पी, क्यों भाग रहे हैं सच से इस पूरे मामले में जब हकीकत जानने और लेखपाल का पक्ष लेने के लिए उनके सरकारी नंबर पर संपर्क करने का प्रयास किया गया, तो लेखपाल रूद्र देव यादव ने फोन उठाना भी मुनासिब नहीं समझा।बार-बार फोन की घंटी बजती रही, लेकिन ‘साहब’ ने कॉल रिसीव नहीं की।

अब सवाल यह उठता है कि अगर लेखपाल रूद्र देव यादव बेकसूर हैं, तो वह मीडिया के सवालों का सामना करने से क्यों कतरा रहे हैं?क्या फोन न उठाना इस बात का सीधा प्रमाण है कि दाल में कुछ काला नहीं, बल्कि पूरी दाल ही काली है? महसी तहसील के आला अधिकारी ऐसे भ्रष्ट और लापरवाह कर्मचारियों पर लगाम कब कसेंगे जनता पूछ रही सवाल!

पीड़ित ने लगाए लेखपाल पर गम्भीर आरोप।एक तरफ गरीब ग्रामीण अपनी फरियाद लेकर थानों और तहसीलों के चक्कर काटते-काटते थक चुके हैं, वहीं दूसरी तरफ रिश्वतखोरी के आरोपी लेखपाल अपनी धुन में मस्त हैं। फोन न उठाकर खुद को बचाने की यह नाकाम कोशिश लेखपाल की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवालिया निशान खड़े करती है।

अब देखना यह होगा कि महसी तहसील के उपजिलाधिकारी और बहराइच के जिलाधिकारी इस भ्रष्ट आचरण और पीड़ित धनीराम मौर्य की शिकायत पर क्या कड़ा एक्शन लेते हैं, या फिर मामला ठंडे बस्ते में डाल दिया जाएगा। हालांकि लेखपाल का फोन ना उठने पर उपजिलाधिकारी महसी को कॉल कर जानकारी प्राप्त की गई जिस पर उपजिलाधिकारी महसी ने बताया की प्रकरण संज्ञान में नहीं है आपके द्वारा जानकारी दी गई है जांच का उचित कार्रवाई की जाएगी

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