देशभर से पहुंचे पत्रकारों ने सुरक्षा, सम्मान और अधिकारों पर रखे विचार, एकजुटता का लिया संकल्प

मिरहची। हिंदी पत्रकारिता दिवस के अवसर पर राष्ट्रीय पत्रकार सहायता संघ द्वारा मिरहची स्थित श्रीमती जावित्री देवी वाटिका में आयोजित भव्य सम्मेलन पत्रकार एकता, सम्मान और अधिकारों की बुलंद आवाज का मंच बन गया। प्रदेश के विभिन्न जनपदों से पहुंचे पत्रकारों ने पत्रकारों के सामने खड़ी चुनौतियों, बढ़ते उत्पीड़न, सुरक्षा और संगठन की मजबूती जैसे अहम मुद्दों पर खुलकर चर्चा की तथा एकजुट होकर संघर्ष का संकल्प लिया।
कार्यक्रम का शुभारंभ मां सरस्वती, बजरंगबली और प्रभु श्रीराम दरबार के समक्ष दीप प्रज्ज्वलन एवं पुष्पांजलि अर्पित कर किया गया। आयोजन की अगुवाई संघ के एटा जिलाध्यक्ष एवं कार्यक्रम संयोजक शुभम पचौरी ने की। उन्होंने कहा कि पत्रकार समाज का सजग प्रहरी है, लेकिन आज पत्रकारों को कई प्रकार की चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है। ऐसे समय में संगठन की मजबूती ही पत्रकारों की सबसे बड़ी ताकत बन सकती है।

कार्यक्रम में महिला प्रकोष्ठ की कासगंज जिलाध्यक्ष संगम सक्सेना ने स्वागत गीत प्रस्तुत कर अतिथियों का अभिनंदन किया। इसके बाद राष्ट्रीय संगठन मंत्री सुनील कुमार, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष देवेंद्र कुशवाहा, मारहरा के पुष्पेंद्र यादव, राष्ट्रीय सदस्य सद्दाम हुसैन और सुमित मिश्रा सहित विभिन्न जिलों से आए पत्रकारों ने अपने विचार रखे। वक्ताओं ने कहा कि पत्रकारिता केवल खबर लिखने तक सीमित नहीं है, बल्कि समाज के सच को सामने लाने का साहसिक दायित्व भी है। कार्यक्रम का संचालन वरिष्ठ पत्रकार एवं नारी शक्ति पत्रकार अल्पना राजपूत उर्फ आशीष राजपूत ने किया। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि पत्रकारिता लोकतंत्र की आत्मा है और कलम की ताकत किसी भी बदलाव की नींव बन सकती है।
उन्होंने कहा कि पत्रकारों को निष्पक्षता, संवेदनशीलता और सामाजिक सरोकारों के साथ अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन करना चाहिए। महिला पत्रकारों की बढ़ती भागीदारी पत्रकारिता को नई दिशा और नई दृष्टि दे रही है। मुख्य अतिथि एवं राष्ट्रीय अध्यक्ष भगवती प्रसाद उर्फ बबलू चक्रवर्ती ने अपने ओजस्वी संबोधन में हिंदी पत्रकारिता के गौरवशाली इतिहास का उल्लेख करते हुए कहा कि हिंदी केवल भाषा नहीं, बल्कि देश की सांस्कृतिक चेतना की पहचान है।
उन्होंने पत्रकारों के बढ़ते उत्पीड़न पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि अब पत्रकार समाज को अपने सम्मान और अधिकारों के लिए संगठित होकर आवाज बुलंद करनी होगी। अपने शायराना अंदाज में उन्होंने कहा कि अत्याचार और अन्याय के खिलाफ पत्रकारों की कलम हमेशा सच का साथ देती रहेगी।

सम्मेलन में वरिष्ठ पत्रकार विश्वजीत यादव, राजेश गुप्ता, दिलीप कुमार वर्मा, अभय गुप्ता, शानू खान, शुभम गुप्ता, कुलदीप सिंह, प्रमोद कुमार, विनोद कुमार, जय नारायण वर्मा, दिनेश कुमार, बृज किशोर, अनमोल कुमार, सन्मति बाबू जैन, कुलदीप महेश्वरी, जे.के. चक्रवर्ती एडवोकेट एवं रमेश बाबू यादव एडवोकेट सहित अनेक वक्ताओं ने पत्रकार हितों को लेकर अपने विचार रखे। कार्यक्रम संयोजक शुभम पचौरी ने सभी अतिथियों एवं पत्रकार साथियों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि संगठन पत्रकारों के सम्मान, सुरक्षा और अधिकारों के लिए निरंतर संघर्ष करता रहेगा।
कार्यक्रम के समापन पर पत्रकार एकता जिंदाबाद के नारों के बीच सभी समापन किया गया। इस अवसर पर मनीष कुमार, यादराम, अनिल कुमार, भूपेंद्र सिंह, संजीव कुमार दुबे, विपिन कुमार, महेश कुमार, राहुल राजपूत, संजय सिंह, विजेंद्र मौर्य, प्रवीन कुमार, बबलू कुमार, विश्वजीत वर्मा, देवेंद्र कुमार, तिलक राज, श्यामवीर, आदेश कुमार, मुमताज अली, कल्पेश, सूरज कुमार, विशेष कुमार, हरकेश कुमार, साविर खान, सुनील कुमार शाक्य, सोमेन्द्र कुमार, अरुण कुमार, आदिल सेफी, योगेश मुगदल, विकास भारतीय, मानपाल सिंह, चंद्रशेखर, मानसिंह, मिथुन गुप्ता, एस.के. माथुर, अश्विनी यादव, संतोष राजपूत, देवेंद्र कुमार सहित बड़ी संख्या में पत्रकार मौजूद रहे।
दिलीप सिंह मंडल ब्योरों एटा उत्तर प्रदेश
