आईआईटी जोधपुर के विद्यार्थियों ने कोडक्राफ्ट में पूरा किया तीन माह का इंटेंसिव टेक्नोलॉजी इंटर्नशिप प्रोग्राम

रियल सॉफ्टवेयर प्रोजेक्ट्स, एआई-असिस्टेड सॉल्यूशंस और इंडस्ट्री वर्किंग का मिला हैंड्स-ऑन अनुभव

व्हाट्सऐप कस्टमर सपोर्ट, हॉस्पिटल डिजिटल सॉल्यूशंस और एआई-बेस्ड इन्वेंट्री सिस्टम पर किया प्रैक्टिकल कार्य

सुनील चिंचोलकर
बिलासपुर, छत्तीसगढ़। कोडक्राफ्ट सेंटर फॉर एआई एंड इमर्जिंग टेक्नोलॉजीज़ में आईआईटी जोधपुर के तीन विद्यार्थियों—रोहित मौर्य, देवांश वर्मा और ज्योतिरादित्य राठौर—का तीन माह का इंटेंसिव टेक्नोलॉजी इंटर्नशिप प्रोग्राम सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। यह इंटर्नशिप 1 जून से 29 अगस्त 2026 तक आयोजित की गई।

इंटर्नशिप का उद्देश्य विद्यार्थियों को केवल तकनीकी प्रशिक्षण देना नहीं, बल्कि उन्हें रियल सॉफ्टवेयर प्रोजेक्ट्स, एआई-असिस्टेड सॉल्यूशंस और प्रोफेशनल सॉफ्टवेयर कंपनी के वर्किंग एनवायरनमेंट का व्यावहारिक अनुभव प्रदान करना था। इस दौरान विद्यार्थियों ने व्हाट्सऐप-बेस्ड कस्टमर सपोर्ट सिस्टम, हॉस्पिटल से जुड़े डिजिटल सॉल्यूशंस तथा एआई-असिस्टेड लार्ज-स्केल इन्वेंट्री मैनेजमेंट सिस्टम जैसे प्रोजेक्ट्स पर कार्य किया।

स्क्रम और एजाइल वर्किंग का मिला व्यावहारिक अनुभव
इंटर्नशिप के दौरान तीनों विद्यार्थियों ने नियमित डेली स्टैंड-अप और स्क्रम मीटिंग्स में भाग लिया। इसके माध्यम से उन्हें टीमवर्क, डेडलाइन मैनेजमेंट, प्रोजेक्ट प्लानिंग, स्प्रिंट्स और एजाइल वर्किंग की वास्तविक प्रक्रिया को समझने का अवसर मिला। विद्यार्थियों को यह समझाया गया कि रियल सॉफ्टवेयर और एआई कंपनियों में किसी आइडिया को प्लानिंग, टीमवर्क और तकनीकी डेवलपमेंट के माध्यम से प्रोडक्ट में कैसे बदला जाता है।

रोहित मौर्य का प्रदर्शन रहा विशेष रूप से उत्कृष्ट

इंटर्नशिप के दौरान रोहित मौर्य का प्रदर्शन विशेष रूप से उल्लेखनीय रहा। उन्होंने एक एडवांस्ड व्हाट्सऐप कस्टमर सपोर्ट सिस्टम डेवलप किया तथा एआई-बेस्ड लैंग्वेज अंडरस्टैंडिंग टेक्नोलॉजी सहित कई महत्वपूर्ण तकनीकी पहलुओं पर कार्य किया।

आईआईटी जोधपुर पहुंचकर कोडक्राफ्ट टीम ने किया विद्यार्थियों के प्रोजेक्ट्स का अवलोकन

इंटर्नशिप के समापन अवसर पर कोडक्राफ्ट के फाउंडर कपिल वर्मा, जो स्वयं आईआईटी से हैं और डेटा साइंस के क्षेत्र में कार्यरत हैं, तथा अप्रतिम सैमुएल, सॉफ्टवेयर इंजीनियर, ने आईआईटी जोधपुर का दौरा किया। इस दौरान विद्यार्थियों ने अपने इंटर्नशिप प्रोजेक्ट्स का प्रेजेंटेशन दिया। कोडक्राफ्ट टीम ने अन्य विद्यार्थियों से भी संवाद कर उन्हें तकनीकी क्षेत्र में उपलब्ध अवसरों और बदलती तकनीक के संबंध में जानकारी दी।

कोडिंग के साथ रियल प्रॉब्लम सॉल्विंग जरूरी : कपिल वर्मा

विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कोडक्राफ्ट के फाउंडर कपिल वर्मा ने कहा कि तकनीकी क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए केवल कोडिंग सीखना पर्याप्त नहीं है। रियल प्रॉब्लम्स को समझकर उनके व्यावहारिक समाधान विकसित करना और बदलती तकनीकों के साथ लगातार सीखते रहना जरूरी है। उन्होंने विद्यार्थियों को एआई जैसी इमर्जिंग टेक्नोलॉजीज़ को केवल उपयोग करने के बजाय उनकी वर्किंग और रियल एप्लिकेशन को समझने के लिए प्रेरित किया तथा उनके उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं।

वहीं अप्रतिम सैमुएल ने विद्यार्थियों के साथ सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट लाइफ साइकिल की पूरी प्रक्रिया, स्प्रिंट्स की भूमिका तथा सॉफ्टवेयर कंपनी में प्रतिदिन होने वाले टास्क्स और ऑपरेशंस की वास्तविक कार्यप्रणाली साझा की। उन्होंने बताया कि किसी सॉफ्टवेयर प्रोडक्ट की प्लानिंग से लेकर डेवलपमेंट, टेस्टिंग, रिव्यू और कंटीन्यूअस इम्प्रूवमेंट तक की प्रक्रिया टीम कोलैबोरेशन और निर्धारित स्प्रिंट्स के माध्यम से आगे बढ़ती है।

एआई और इमर्जिंग टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में विस्तार की तैयारी
कोडक्राफ्ट सेंटर फॉर एआई एंड इमर्जिंग टेक्नोलॉजीज़ को एच. डी. शेफ़र मेमोरियल फाउंडेशन के एजुकेशन एंड स्किल डेवलपमेंट फ्रेमवर्क के अंतर्गत स्थापित किया गया है। इस पहल के लिए फाउंडेशन के डायरेक्टर्स संजय विल्सन, मनोरंजन एल्काना और निखिल पॉल के सहयोग के लिए विशेष आभार व्यक्त किया गया।

कोडक्राफ्ट भविष्य में अधिक इंजीनियरिंग विद्यार्थियों के लिए इंटर्नशिप और वोकेशनल ट्रेनिंग के अवसर उपलब्ध कराने की दिशा में कार्य कर रहा है। संस्था वर्तमान में एआई वॉयस बॉट्स, आरएजी (RAG) बेस्ड एआई सॉल्यूशंस और एआई-असिस्टेड को-पायलट सहित कई एडवांस्ड टेक्निकल प्रोजेक्ट्स पर कार्य कर रही है। एआई-असिस्टेड को-पायलट प्रोजेक्ट को जल्द लॉन्च किए जाने की तैयारी है।
छत्तीसगढ़ में स्टेट-लेवल टेक्नोलॉजी एंड स्टार्टअप समिट की योजना

कोडक्राफ्ट द्वारा इस वर्ष और आगामी वर्ष में छत्तीसगढ़ में स्टेट-लेवल टेक्नोलॉजी एंड स्टार्टअप समिट आयोजित करने की भी योजना बनाई जा रही है। आगामी शैक्षणिक वर्ष में संस्था विभिन्न कॉलेजों और यूनिवर्सिटीज़ तक अपनी गतिविधियों का विस्तार करेगी, जिससे अधिक से अधिक विद्यार्थियों को रियल प्रोजेक्ट्स, इंटर्नशिप और इंडस्ट्री-ओरिएंटेड ट्रेनिंग का अवसर मिल सके।

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