अलीगंज। राष्ट्रीय युवा बौद्ध संघ तथा बौद्ध आर्मी संगठन उत्तर प्रदेश के पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं ने शुक्रवार को नवीन तहसील परिसर में उप जिलाधिकारी डॉ. शशि शेखर को राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन के माध्यम से एटा लोकसभा क्षेत्र से छह बार सांसद रहे पूर्व सांसद महादीपक सिंह शाक्य को मरणोपरांत देश के सर्वोच्च नागरिक सम्मान भारत रत्न से सम्मानित किए जाने की मांग की गई।

संगठन के पदाधिकारियों ने कहा कि महादीपक सिंह शाक्य ने राष्ट्र सेवा, समाज कल्याण और सार्वजनिक जीवन में अतुलनीय योगदान दिया। उनका संपूर्ण जीवन देश और समाज के लिए प्रेरणास्रोत रहा। राष्ट्र के प्रति उनकी निस्वार्थ एवं दीर्घकालिक सेवाओं को देखते हुए उन्हें भारत रत्न से सम्मानित किया जाना चाहिए।
ज्ञापन में कहा गया कि उन्होंने जयप्रकाश नारायण के जेपी आंदोलन में अग्रणी एवं महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। आपातकाल के दौरान इंदिरा गांधी सरकार में उन्हें डीआईआर एवं मीसा के तहत करीब दो वर्ष तक कारावास में रहना पड़ा। इसके बावजूद उन्होंने लोकतंत्र और जनता के अधिकारों के लिए अपने संघर्ष से पीछे हटने से इनकार किया।
संगठन ने उनके साहसिक कार्यों का उल्लेख करते हुए कहा कि भारत-पाकिस्तान युद्ध के दौरान उन्होंने अदम्य साहस का परिचय देते हुए पाकिस्तान सीमा के निकट झेलम नदी के किनारे स्थित नौगांव चौकी पर जाकर तिरंगा फहराया था। पदाधिकारियों ने कहा कि राष्ट्र के प्रति अटूट निष्ठा, लोकतांत्रिक मूल्यों के लिए संघर्ष और राष्ट्रीय स्वाभिमान के लिए किए गए उनके कार्यों को देखते हुए मरणोपरांत भारत रत्न दिया जाना उचित होगा।
इस दौरान संगठन के प्रदेश अध्यक्ष कन्हैयालाल साक्य निर्दोष कुमार इंद्रपाल शाक्य नरेंद्र कुमार पुरुषोत्तम देवेंद्र शाक्य अवनीश शाक्य सुदेश मुकेश कुमार विकास आदेश सुनील हिरदेश रमेश अनमोल राघवेंद्र सहित अन्य पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता मौजूद रहे।
दिलीप सिंह अलीगज एटा
