डीएम,एसपी ने सम्पूर्ण मेला परिसर का भ्रमण कर लिया जायज
श्रावस्ती। जिलाधिकारी अन्नपूर्णा गर्ग, पुलिस अधीक्षक राहुल भाटी एवं मुख्य विकास अधिकारी शाहिद अहमद की अध्यक्षता में विकास खण्ड सिरसिया के अन्तर्गत विभूतिनाथ मन्दिर पर आगामी कजरी तीज मेला एवं कांवड़ यात्रा के दृष्टिगत मन्दिर परिसर में बैठक सम्पन्न हुई। बैठक में जिलाधिकारी ने कहा कि मेले में आने वाले मेलार्थियों/श्रृद्धालुओं को किसी भी प्रकार की दिक्कत का सामना न करना पड़े, इसका विशेष ध्यान रखा जाए।

इसलिए सम्बन्धित अधिकारीगण निरन्तर भ्रमण कर सभी व्यवस्थाएं कजरी तीज मेले से पूर्व ही सुनिश्चित कर लें, ताकि मेले को शान्तिपूर्ण एवं व्यवस्थित ढंग से सम्पन्न कराया जा सके। यदि किसी भी अधिकारी द्वारा इसमें किसी भी प्रकार की शिथिलता बरती गई तो सम्बन्धित के विरूद्ध कड़ी कार्यवाही सुनिश्चित की जाएगी। जिलाधिकारी ने कहा कि मेले को शान्तिपूर्ण एवं व्यवस्थापूर्ण ढंग से सम्पन्न कराने के लिए जिला प्रशासन प्रतिबद्ध है।
इसलिए जिला प्रशासन के अधिकारी व मेला प्रबन्ध कमेटी के सदस्य आपस में समन्वय बनाकर मेले को सौहार्दपूर्ण वातावरण में सम्पन्न करायें। उन्होने मेलाक्षेत्र में मन्दिर परिसर/मन्दिर आने-जाने के लिए रास्ता खाली होना चाहिए। सभी कच्चे पक्के मार्गाे पर चौबिसों घण्टे साफ-सफाई आदि व्यवस्थाओं को भी सुनिश्चित कराने हेतु जिला पंचायत राज अधिकारी को निर्देश दिया है।

आने-जाने वाले मार्गो पर गडढो की मरम्मत कर दोनों तरफ झाड़िया साफ करा दी जाए, इसके लिए उन्होने अधिशासी अभियंता लोक निर्माण विभाग को निर्देशित किया। इसके अलावा उन्होने मेलार्थियों को शुद्ध पेयजल हेतु आवश्यकतानुरूप सम्बन्धित स्थलों पर पानी टैंकर की उपलब्धता सुनिश्चित कराने हेतु अधिशासी अधिकारी नगर पालिका परिषद भिनगा को भी निर्देश दिया।
उन्होने यह भी निर्देश दिया कि पानी की शुद्धता मापकर ही उपलब्ध कराया जाए।
जिलाधिकारी ने मुख्य चिकित्साधिकारी को निर्देश दिया है कि मेले में स्वास्थ्य कैंप, कुशल चिकित्सकों एवं आवश्यक व्यवस्थाओं से सुसज्जित मोबाइल एम्बुलेंस की उपलब्धता मेला समाप्ति तक मेला परिसर में सुनिश्चित की जाएं। साथ ही मेडिकल टीम के पास ऐंटी स्नेक वेनम की उपलब्धता सुनिश्चित रहे। टीम में महिला चिकित्सक भी मौजूद रहे, जिससे महिलाओं को कोई दिक्कत न होने पाये।

मेला परिसर में कन्ट्रोलरूम/खोया-पाया केन्द्र की भी व्यवस्था की जाए। मेला के प्रारम्भ होने से मेला की समाप्ति तक खाद्य पदार्थो की सैम्पलिंग भी की जाए, ताकि गुणवत्ताहीन खाद्य पदार्थ किसी भी दशा में न बिकने पाये, इसके लिए खाद्य निरीक्षक को निरन्तर निगरानी रखने का निर्देश दिया है। लोगों की सुरक्षा को देखते हुए मेले में झूला लगाने वालों से एन.ओ.सी प्राप्त करने के उपरान्त ही अनुमति प्रदान की जाए। यदि झूला लगाने या झूले से सम्बन्धित कोई भी समस्या प्रतीत होती है, तो कदापि अनुमति न प्रदान की जाए।
क्योंकि हमारी प्राथमिकता श्रृद्धालुओं की सुरक्षा है।
उन्होने कहा कि मेला क्षेत्र में दुकान लगाने वाले दुकानदारों को मेला प्रबन्ध कमेटी से अनुमति लेकर ही दुकान लगा सकते है और सभी दुकानदार अपनी दुकानों पर डस्टबीन की भी व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। मेले में प्रत्येक स्थान पर साइन बोर्ड का प्रयोग किया जाए, जिससे किसी भी व्यक्ति/श्रृद्धालु को कोई दिक्कत न हो। मेले में आवारा पशु न घूमने पाये, इसका ध्यान रखा जाए।
मेले के अन्दर लगने वाली दुकानो पर प्रकाश व्यवस्था के लिए की गई विद्युत वायरिंग की जांच पड़ताल कर गुणवत्तापूर्ण ढंग से वायरिंग सुनिश्चित कराने हेतु अधिशाषी अभियन्ता विद्युत को निर्देश दिया। उन्होने कहा कि मेले में चौबिसो घण्टे लाइट की व्यवस्था बनी रहे, इसके लिए अतिरिक्त ट्रांसफार्मर लगाये जाएं। अग्निशमन की गाड़ियां उपलब्ध कराने हेतु मुख्य अग्निशमन अधिकारी को निर्देश दिया है। उन्होने कहा कि पूर्व अनुभवों के आधार पर मेले में आने वाली श्रृद्धालुओं के लिए पेयजल, स्वास्थ्य कैम्प, सफाई व्यवस्था, बैरिकेटिंग, शौचालय, वैकल्पिक शौंचालय, मोबाइल टायलेट एवं प्रकाश की व्यवस्था पहले से ही सुव्यवस्थित कर ली जाएं, ताकि व्यवस्थापूर्ण ढंग से मेले को सम्पन्न कराया जा सके।
मेला स्थल के बाहर ही पूर्व में चिन्हित स्थलों पर पार्किंग की समुचित व्यवस्था की जाए तथा निजी वाहन स्टैण्डो को लगाने से पूर्व अनुमति लेना अनिवार्य है। अव्यवस्थित खड़ी गाड़ियों के लिए टोइंग मशीन की उपलब्धता सुनिश्चित रखी जाए।
जिलाधिकारी ने कहा कि कजरी तीज मेला के समय श्रद्धालुओं द्वारा बाबा विभूतिनाथ के जलाभिषेक हेतु रजिया तालाब से जल लाया जाता हैं, श्रृद्धालुओं को जंगली जानवरों से सुरक्षा हेतु पुलिस विभाग और वन विभाग की टीम ट्राईकुलाइज गन के साथ तैनात रहे।
जहां उचित प्रतीत हो रजिया तालाब से लेकर मन्दिर तक वाच टावर की व्यवस्था कर मेले के दौरान चौबिसों घण्टे वन विभाग एवं सुरक्षा बलों की तैनाती कर सघन निगरानी भी सुनिश्चित की जाये। उन्होने यह भी निर्देश दिया कि आगामी मेले को देखते हुए जिन मजिस्ट्रेटों/पुलिस के अधिकारियों की ड्यूटी लगायी गई है, वे आपस में समन्वय स्थापित कर लें, ताकि मेले के दौरान कोई दिक्कत न होने पाये। मेले के दौरान किसी भी अधिकारी व कर्मचारी को मेला समाप्ति तक अवकाश प्रदान नही किया जाएगा।
पुलिस अधीक्षक ने कहा कि मेला क्षेत्र में अराजक तत्वों पर कडी निगरानी के लिए व्यापक मात्रा में सी.सी.टी.वी कैमरे की व्यवस्था की गई है। इसके साथ ही मेले में खुफिया पुलिस भी तैनात रहेगी, जो मेले में अराजक तत्वों पर कड़ी नजर रखेगी। मेले में चोरी, चेन स्नैचिंग आदि प्रकार की घटनाओं को रोकने के लिए प्रभावी कदम उठाये गये है, जिससे श्रृद्धालुओं को शान्तपूर्ण वातावरण में दर्शन कराया जा सके। यदि कोई भी व्यक्ति शान्ति व्यवस्था में बाधा उत्पन्न करने की कोशिश करता है तो तत्काल उन्हें जेल भेजने की कार्यवाही की जाएगी। उन्होने सभी पुलिस अधिकारियों एवं सुरक्षा कर्मियो को निर्देश दिया कि अपने-अपने क्षेत्रों में मेला समाप्ति तक भ्रमण कर शान्तिपूर्ण ढंग से मेला सम्पन्न करायेगें।
बैठक में मुख्य विकास अधिकारी ने कहा कि मेले को शान्ति एवं व्यवस्थापूर्ण ढंग से सम्पन्न कराने के लिए जिला प्रशासन प्रतिबद्ध है, इसके लिए सभी अधिकारियों व कर्मचारियों को दायित्व सौंपे जा चुके है। मेले में कोई भी अव्यवस्था न फैलने पाए, इसके लिए मजिस्ट्रेट की तैनाती भी की गई है, जो शान्तिपूर्ण ढंग से मेले को सम्पन्न करायेंगे। बैठक का संचालन अपर जिलाधिकारी(वि./रा.) ललित कुमार ने किया।
बैठक के अन्त में जिलाधिकारी, पुलिस अधीक्षक एवं मुख्य विकास अधिकारी ने बाबा विभूतिनाथ मन्दिर एवं जलाभिषेक के लिए जल लेने वाले कुण्ड तथा सम्पूर्ण मेला परिसर का भ्रमण कर जायजा भी लिया।
उक्त अवसर पर अपर पुलिस अधीक्षक चन्द्रकेश सिंह, उपजिलाधिकारी भिनगा आशीष भारद्वाज, पुलिस क्षेत्राधिकारी भरत पासवान, खंड विकास अधिकारी सिरसिया, मेला प्रबन्धन समिति के सदस्यगण सहित अन्य विभागों के अधिकारीगण उपस्थित रहे।
