कोबरा का रेस्क्यू करते समय सर्प मित्र को डसा, फिर भी नहीं छोड़ा हौसला; पहले सुरक्षित पकड़ा, फिर खुद पहुंचे अस्पताल


600 से अधिक सांपों का रेस्क्यू कर चुके अजब सिंह पहली बार हुए हादसे का शिकार, हालत स्थिर; बेहतर इलाज के लिए मेडिकल कॉलेज रेफर

दिलीप सिंह अलीगंज एटा

अलीगंज क्षेत्र के ग्राम नदराला में कोबरा सांप का रैस्क्यू करते समय सर्प मित्र को डसा। कोबरा सांप के काटने पर गांव में मचा हड़कंप‌ घायल सर्प मित्र को तत्काल सीएचसी अलीगंज भर्ती कराया गया ।जहां उसका उपचार चल रहा है ।अब हालात स्थिर बताई जा रही है। काटने के बावजूद भी सर्प मित्र द्वारा कोबरा को सुरक्षित रेस्क्यू किया गया।
प्राप्त जानकारी के अनुसार ग्राम नदराला निवासी जुबेर के घर में कोबरा सांप को देखा गया‌ सांप को देखते ही भगदड़ मच गई। देखते ही देखते कोबरा निकलने की सूचना पूरे गांव मे फैल गई और भीड़ एकत्रित होने लगी।इसके बाद लोगों ने 600 से अधिक सांपों को सफल रैस्क्यू कर चुके सर्प मित्र नगला उम्मेद निवासी अजब सिंह पुत्र नेत्र पाल सिंह को सूचना दी। जानकारी मिलते ही अजब सिंह बिना किसी देरी किए मौके पर पहुंच गए।

ग्राम नादरला पहुंचते ही भीड़ को शांत कराया और लोगों को सुरक्षित दूरी पर हटाया ।अपने अनुभव और सूझबूझ का इस्तेमाल करते हुए अजब सिंह ने कुछ ही मिनट में फुसकारते कोबरा को सुरक्षित तरीके से पकड़ लिया‌ और उसे और उसे डिब्बे में पैक कर दिया डब्बे में पैक करते समय कोबरा ने हाथ पर अटैक कर दिया और उसने काटना शुरु कर दिया सुरक्षा हेतु गिलिप्स पहने होने के बावजूद भी कोबरा का दात गिलिप्स को पार कर गया और उसने उंगलियों में दो-तीन जगह काट लिया। तत्परता दिखाते हुए सर्प मित्र ने कोबरा को एक डब्बे में सुरक्षित पैक कर लिया।

तथा बिना देरी किए सर्प मित्र ने अपने निजी मोटर साइकिल से स्वयं को अलीगंज सीएचसी में भर्ती कराया जहां उसका इलाज चल रहा है। कई घंटे उपचार के बाद अब उसकी हालत स्थिर बताई जा रही है।

सर्प मित्र अजब सिंह ने बताया कि मैं नदराला गांव के जुबेर के घर में कोबरा सांप निकालने की सूचना मिली थी और मैं नदराला गांव पहुंचकर जुबेर के निर्माणधीन मकान मे कोबरा सांप का रेस्क्यू कर डिब्बे में पैक कर रहा था तभी अचानक उसने हमारे हाथ में काट लिया कोबरा का दांत गिलिप्स को पार कर गया और उसने उंगली में दो-तीन जगह दांत मार दिए फिर भी मैंने बिना देरी किए कोबरा को एक डब्बे में पैक कर सुरक्षित कर लिया।

और बिना देरी किए तत्काल मैं अपनी मोटरसाइकिल से अलीगंज सीएचसी पर आया जहां मेरा उपचार चल रहा है। और मेरी हालत में सुधार है। शनिवार की सुबह बेहतर इलाज के लिए एटा मेडिकल कॉलेज में रेफर किया गया है। मैं 600 से अधिक सांपों का सुरक्षित सफल रेस्क्यू कर चुका हूं ऐसी घटना आज तक नहीं हुई है ऐसा पहली बार हुआ है।

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