
संवाददाता नवयुग समाचार
लखनऊ। उत्तर प्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन (UPSRLM) के नवचयनित राज्य मिशन प्रबंधकों एवं मिशन प्रबंधकों के लिए दीनदयाल उपाध्याय राज्य ग्राम्य विकास संस्थान (DDU-GKY), बख्शी का तालाब, लखनऊ में सोमवार से सात दिवसीय आवासीय उन्मुखीकरण प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ हुआ। यह प्रशिक्षण कार्यक्रम मिशन निदेशक श्रीमती दीपा रंजन के निर्देशानुसार आयोजित किया जा रहा है।

कार्यक्रम में राज्य मुख्यालय से पधारे संयुक्त मिशन निदेशक प्रवीणानंद ने प्रतिभागियों को संबोधित करते हुए कहा कि नवचयनित प्रबंधक केवल प्रशासनिक अधिकारी नहीं, बल्कि ग्रामीण उत्तर प्रदेश की करोड़ों महिलाओं के सपनों और आकांक्षाओं के वाहक हैं। उन्होंने कहा कि मिशन के प्रत्येक आंकड़े और योजना के पीछे किसी परिवार की खुशहाली, बेटी की शिक्षा और महिला के आत्मसम्मान की कहानी जुड़ी होती है।
प्रवीणानंद ने कहा कि योजनाओं का क्रियान्वयन केवल कागजों तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि उसका प्रभाव गांवों में स्पष्ट रूप से दिखाई देना चाहिए। उन्होंने नवचयनित प्रबंधकों से आह्वान किया कि वे स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं के बीच जाकर उनकी समस्याओं को समझें और समाधान आधारित कार्य संस्कृति विकसित करें।
उन्होंने कहा कि वर्ष 2027 तक प्रत्येक पात्र परिवार को ‘लखपति दीदी’ बनाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इस लक्ष्य की प्राप्ति के लिए नवाचार, समर्पण और टीम भावना के साथ कार्य करना होगा। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि “फील्ड ही असली कार्यस्थल है और परिणाम ही असली रिपोर्ट है।”

प्रशिक्षण कार्यक्रम के दौरान प्रतिभागियों को मिशन की कार्यप्रणाली, उद्देश्यों, रणनीतियों, वित्तीय प्रबंधन, सामुदायिक संस्थाओं के सशक्तीकरण तथा विभिन्न विकासात्मक विषयों पर विशेषज्ञों द्वारा विस्तृत जानकारी प्रदान की गई।
इस अवसर पर संस्थान के सहायक निदेशक डॉ. सत्येन्द्र गुप्ता, राज्य मुख्यालय से डॉ. नन्दकिशोर साह, राष्ट्रीय संसाधन व्यक्ति डॉ. अनुपम पाण्डेय, प्रशिक्षण संकाय डॉ. विनीता रावत, मिशन प्रबंधक आलोक सिंह एवं अजय कुशवाहा सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे। उन्मुखीकरण कार्यक्रम में कुल 32 राज्य स्तरीय मिशन प्रबंधकों ने प्रतिभाग किया।
