गोंडा में डिजिटल अरेस्ट का बड़ा मामला: लेडी प्रिंसिपल को 3 दिन बंधक बनाकर ठगे 21.30 लाख एफडी तुड़वाकर आरटीजीएस कराई रकमएफडी तुड़वाकर आरटीजीएस कराई रकम

नवयुग समाचार
संवाददाता गोंडा

गोंडा। शहर के पॉश इलाके मालवीय नगर में साइबर ठगों ने प्राइवेट स्कूल की प्रिंसिपल को डिजिटल अरेस्ट कर 21.30 लाख रुपये ठग लिए। ठगों ने खुद को पुलिस अधिकारी बताकर मनी लॉन्ड्रिंग केस में नाम आने की बात कहकर 3 दिन तक वीडियो कॉल पर डरा-धमकाकर एफडी तक तुड़वा दी।


प्राप्त जानकारी के अनुसार शहर के मालवीय नगर निवासी वीना श्रीवास्तव (45) प्राइवेट स्कूल में प्रिंसिपल हैं। उनके पति गुड़गांव में हिंदुस्तान वायर्स लिमिटेड में लीगल एडवाइजर हैं। प्रिंसिपल ने बताया- 7 अक्टूबर को पहली बार मेरे व्हाट्सएप पर वीडियो कॉल आई। कॉल करने वाले ने खुद को पुलिस अधिकारी बताकर मनी लॉन्ड्रिंग केस में नाम आने की बात कही। 8 अक्टूबर को पुलिस की वर्दी में वीडियो कॉल करके कहा- आपके नाम पर अरेस्ट वारंट है। किसी से कहिएगा नहीं, नहीं तो अरेस्ट कर लिया जाएगा। आपके आस-पास लोग होंगे तो आपको नुकसान पहुंचा देंगे। इसके बाद ठग ने आधार नंबर बताया और सभी खातों में जमा रकम के बारे में पूछा। मैंने असली पुलिस वाला समझकर सब कुछ बता दिया। एक एफडी के बारे में भी बताया। ठग ने कहा- एफडी तुड़वा दीजिए और जो अकाउंट मैं दूंगा उसमें वो रकम भेज दीजिए। अगर पैसा समय से आ गया तो आपका नाम केस से हटवा देंगे।

जिंदगी भर की कमाई ले गए ठग

डर के कारण प्रिंसिपल ने उत्तर प्रदेश ग्रामीण बैंक से 14,00,300 रुपये और बैंक ऑफ बड़ौदा से 7,30,300 रुपये आईसीआईसीआई बैंक के एक अकाउंट में आरटीजीएस कर दिया। कुल 21,30,600 रुपये ठगों के खातों में जमा करा दिए। पीड़िता ने बताया- मेरी मां ने मुझे जमीन खरीदकर दी थी, उस पर कब्जा हो गया था। मुकदमा जीतने के बाद वो जमीन 7 लाख में बेची थी। वह पैसा, मां की पेंशन, मेडिकल का पैसा, भाई जो बैंक से रिटायर है वो भी पैसा देता था, और मेरी खुद की स्कूल की कमाई सब मिलाकर 21.30 लाख रुपये मैंने उनके खातों में जमा कर दिए।

3 दिन बाद पति को बताया तब हुआ एहसास

तीन दिन बाद जब पति को बताया तो उन्होंने उन नंबरों पर कॉल करने को कहा। नंबर बंद आने लगे तब ठगी का एहसास हुआ। तुरंत साइबर थाने में रिपोर्ट कराई और बैंकों में जाकर ईमेल करके पेमेंट रोकने को कहा। प्रिंसिपल की शिकायत पर साइबर क्राइम थाने में शनिवार शाम मुकदमा दर्ज किया गया। सोमवार सुबह मामले की एफआईआर सामने आई।

साइबर थाना प्रभारी सत्य प्रकाश यादव ने बताया कि पीड़िता से बैंक लेनदेन की पूरी जानकारी और व्हाट्सएप पर हुई बातचीत का विवरण मांगा गया है। यदि कॉल की रिकॉर्डिंग उपलब्ध है तो उसे देने के लिए कहा है। सभी बिंदुओं की जांच की जा रही है।

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