मिर्जापुर। जनपद के मड़िहान तहसील क्षेत्र अंर्तगत ग्राम धौरहा के स्थित आराजी संख्या 56 की तालाब को, लघु सिंचाई विभाग के JE विजय यादव और उक्त ग्राम के प्रधान पति जितेंद्र यादव के मत्स्य पालन तालाब के चरित्र को सूखाग्रस्त दिखाकर, तालाब का गहरीकरण की कार्ययोजना के कार्य को मत्स्य पालन तालाब में न करने को लेकर मामला प्रकाश में आया है।

मत्स्यजीवी सहकारी समिति लिमिटेड चील्ह के अध्यक्ष राम विलास निषाद ने लघु सिंचाई विभाग के अधिकारियों को प्रार्थना पत्र देकर तालाब से जबरन पानी न निकालने का अग्रह किया ।
उन्होंने बताया कि उपजिलाधिकारी मड़िहान से मत्स्य पालन हेतु 10 वर्षीय पट्टा पर मिले तालाब में मत्स्य पालन चल रहा है।
समस्या और व्यवधान यह है कि कुछ स्थानीय किसानों द्वारा मत्स्य पालन तालाब में पम्प लगा एवं भिटो के बगल में कुआ जैसे गण्डा खोद,पानी निकाल सिचाई करने के कारण,तालाब का जल स्तर बहुत कम हो जाने से मत्स्य पालन व्यवसाय पूर्ण रूप से नही होता।
, मत्स्य पालन के लिए प्रतिकूल स्थिति बनी रही है।मत्स्य पालन प्रभावित हो रहा है।
अध्यक्ष/मत्स्य पालक का कहना है कि जब उक्त तालाब में वर्तमान समय मे मत्स्य पालन चल रहा है, तो तालाब से पानी निकाल के गहरीकरण कार्य कराने से मत्स्य पालन को भारी नुकसान पहुँचाया जा रहा है और यह कार्य सरकारी धन के दुरुपयोग की आशंका को भी जन्म देता है।उन्होंने इस सबंध में मत्स्य मंत्री डॉ संजय कुमार निषाद, उत्तर प्रदेश मत्स्य जीवी सहकारी संघ के अध्यक्ष वीरू साहनी, आयुक्त विंध्याचल मंडल मिर्ज़ापुर, जिलाधिकारी मिर्ज़ापुर, मुख्य विकास अधिकारी,तथा लघु सिंचाई विभाग के अधिकारियों को भी पत्र भेजकर जांच और आवश्यक कार्यवाई की मांग की है।
उन्होंने यह भी बताया कि पानी निकालने से मना करने पर उन्हें धमकी दी गई। इस संबंध में पूर्व प्रधान सतीश सिंह पटेल ने भी मुख्यमंत्री पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई है।
राम विलास निषाद ने लघु सिंचाई विभाग द्वारा मत्स्य पालन तालाब की गहरीकरण कार्ययोजना के कार्य के मामले की निष्पक्ष जांच कर कार्रवाई की मांग की है।
