21 महिलाओं और कन्याओं ने सिर पर कलश धारण कर किया सहभाग, भजनों की धुन पर झूमीं महिलाएं व बालिकाएं, 21 जून को होगा विशाल भंडारा
अलीगंज (एटा)। क्षेत्र के ग्राम किनौड़ी खेड़ा स्थित माता रानी मंदिर परिसर में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा एवं ज्ञान यज्ञ का शुभारंभ रविवार को भव्य कलश यात्रा के साथ हुआ। धार्मिक आस्था और उत्साह के माहौल में निकली इस यात्रा में 21 महिलाओं एवं कन्याओं ने सिर पर कलश धारण कर सहभागिता की। गांव के प्रमुख मार्गों से होकर निकली कलश यात्रा के दौरान पूरा क्षेत्र भक्तिमय वातावरण में रंग गया।

कलश यात्रा की अगुवाई श्रद्धालुओं द्वारा भगवान के जयकारों के साथ की गई। डीजे पर बज रहे धार्मिक भजनों और कृष्ण भक्ति गीतों ने श्रद्धालुओं को भाव-विभोर कर दिया। महिलाएं और बालिकाएं भजनों की धुन पर झूमती नजर आईं। गांव के विभिन्न स्थानों पर ग्रामीणों ने कलश यात्रा का स्वागत कर श्रद्धालुओं पर पुष्पवर्षा की। यात्रा के दौरान श्रद्धा, भक्ति और उल्लास का अनूठा संगम देखने को मिला।
कलश यात्रा के समापन के बाद कथा स्थल पर विधि-विधान से पूजन-अर्चन एवं धार्मिक अनुष्ठानों का शुभारंभ किया गया। रविवार देर रात तक हवन-पूजन और वैदिक अनुष्ठानों का क्रम जारी रहा। सोमवार सुबह भी वैदिक मंत्रोच्चारण के बीच हवन-पूजन का आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने आहुति देकर परिवार, समाज और क्षेत्र की सुख-समृद्धि एवं मंगलमय भविष्य की कामना की।

आयोजन समिति के अनुसार श्रीमद्भागवत कथा का वाचन इटावा से पधारे प्रसिद्ध कथा वाचक अंकुल शास्त्री द्वारा किया जा रहा है। कथा का आयोजन प्रतिदिन दोपहर 1 बजे से शाम 5 बजे तक किया जाएगा। कथा के दौरान भगवान श्रीकृष्ण की लीलाओं, धर्म, भक्ति और मानव जीवन के विभिन्न आध्यात्मिक पहलुओं पर विस्तार से प्रकाश डाला जाएगा।
समिति ने बताया कि 20 जून को कथा का विराम एवं पूर्णाहुति कार्यक्रम संपन्न होगा, जबकि 21 जून को विशाल प्रसाद वितरण (भंडारा) का आयोजन किया जाएगा, जिसमें आसपास के गांवों सहित दूर-दराज क्षेत्रों से भी श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है।

धार्मिक आयोजन को लेकर गांव किनौड़ी खेड़ा सहित आसपास के क्षेत्रों में विशेष उत्साह का माहौल है। बड़ी संख्या में श्रद्धालु प्रतिदिन कथा श्रवण और धार्मिक अनुष्ठानों में भाग लेने के लिए पहुंच रहे हैं। आयोजन समिति द्वारा श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए आवश्यक व्यवस्थाएं भी की गई हैं।
रिपोर्ट : दिलीप सिंह मंडल, ब्यूरो एटा (उत्तर प्रदेश)
