बहराइच। भारत-नेपाल सीमा पर अवैध प्रवेश कराने के मामले में रूपईडीहा पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए ‘वारिस पंजाब दे’ संगठन के सक्रिय सदस्य जोगा सिंह को गिरफ्तार किया है। आरोपी पर अमेरिकी नागरिक मनवीर सिंह ढिल्लों और संगठन के सदस्य विक्रमजीत सिंह को फर्जी दस्तावेजों व स्थानीय सहयोगियों की मदद से बिना वीजा भारतीय सीमा में प्रवेश कराने में सहायता देने का आरोप है।

पुलिस के अनुसार, 23 जुलाई 2026 को भारत-नेपाल सीमा चेक पोस्ट पर रूपईडीहा पुलिस और एसएसबी की संयुक्त कार्रवाई में अमेरिकी नागरिक मनवीर सिंह ढिल्लों, विक्रमजीत सिंह तथा तीन स्थानीय सहयोगियों राहुल कुमार, सुरेश कुमार पाठक और दिलीप पाठक उर्फ राहुल पाठक को गिरफ्तार कर न्यायिक अभिरक्षा में भेजा गया था। मामले की जांच के दौरान जोगा सिंह की भूमिका सामने आने पर उसकी तलाश की जा रही थी।
मुखबिर की सूचना पर शनिवार को सीमांत इंटर कॉलेज मोड़, रूपईडीहा के पास से जोगा सिंह को गिरफ्तार कर लिया गया। पूछताछ में उसने स्वयं को पंजाब के लुधियाना का निवासी तथा वर्तमान में पीलीभीत के एक गुरुद्वारे में रहने वाला और ‘वारिस पंजाब दे’ संगठन का सक्रिय सदस्य बताया।
पुलिस के मुताबिक, वर्ष 2023 में अमृतपाल सिंह की फरारी के दौरान जोगा सिंह ने उसे शरण दी थी, जिसके संबंध में पंजाब के होशियारपुर जिले के मेहतियाना थाने में उसके विरुद्ध आर्म्स एक्ट व अन्य धाराओं में मुकदमा दर्ज है। पूछताछ में यह भी सामने आया कि उसने करीब एक वर्ष पूर्व संगठन के सदस्य विक्रमजीत सिंह को नेपाल भेजने में भी सहायता की थी।
गिरफ्तार आरोपी के कब्जे से ₹31,000 नकद, पांच आधार कार्ड, तीन ड्राइविंग लाइसेंस, दो पैन कार्ड और एक ओप्पो मोबाइल फोन बरामद किया गया है।
इस मामले में थाना रूपईडीहा पर मु.अ.सं. 188/2026 के तहत भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं तथा आप्रवास एवं विदेशी अधिनियम की धारा 21 में मुकदमा दर्ज है। पुलिस ने आरोपी को विधिक कार्रवाई पूरी कर न्यायालय भेज दिया है तथा पूछताछ के आधार पर आगे की कार्रवाई जारी है।
यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक विश्वजीत श्रीवास्तव के निर्देशन, अपर पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण) दुर्गा प्रसाद तिवारी और क्षेत्राधिकारी नानपारा चित्रांशु गौतम के पर्यवेक्षण में प्रभारी निरीक्षक हरेन्द्र कुमार मिश्र के नेतृत्व में की गई।
