झारखंड प्रदेश कांग्रेस के प्रदेश प्रवक्ता विजय शंकर नायक ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेन्द्र प्रधान के इस्तीफ़े को मोदी सरकार की घोर विफलता, अहंकार की पराजय तथा राहुल गांधी, कांग्रेस पार्टी और देश के करोड़ों छात्रों-युवाओं के संघर्ष की ऐतिहासिक जीत बताया।

उन्होंने कहा कि यह इस्तीफ़ा किसी व्यक्ति का नहीं, बल्कि उस अहंकारी सत्ता की हार है जिसने वर्षों तक छात्रों की आवाज़ को कुचलने, युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ करने और हर सवाल का जवाब दमन से देने का काम किया। आज देश का युवा जीत गया और सत्ता का अहंकार हार गया।
विजय शंकर नायक ने कहा कि जब शिक्षा मंत्री को अपनी कुर्सी छोड़नी पड़ी, तो सबसे बड़ा सवाल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से है।
क्या शिक्षा मंत्री अकेले दोषी थे? क्या पूरी सरकार इस विफलता की बराबर जिम्मेदार नहीं है? उन्होंने कहा कि अगर मोदी सरकार में जरा भी नैतिकता बची है, तो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को तत्काल इस्तीफ़ा देकर देश से माफी मांगनी चाहिए। जिस सरकार ने युवाओं का भविष्य छीना, बेरोज़गारी को चरम पर पहुंचाया, शिक्षा व्यवस्था को संकट में डाला और छात्रों पर लाठियां बरसाईं, उसे एक क्षण भी सत्ता में बने रहने का नैतिक अधिकार नहीं है।
उन्होंने कहा कि राहुल गांधी ने संसद से लेकर सड़क तक युवाओं की लड़ाई लड़ी, कांग्रेस पार्टी ने हर मंच पर छात्रों की आवाज़ बुलंद की और अंततः जनशक्ति ने सत्ता के अहंकार को झुकने पर मजबूर कर दिया। यह लोकतंत्र की जीत है, तानाशाही की हार है।
विजय शंकर नायक ने प्रधानमंत्री से जवाब मांगते हुए कहा—
धर्मेन्द्र प्रधान ने इस्तीफ़ा दिया, अब नरेंद्र मोदी कब इस्तीफ़ा देंगे?
युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ करने वालों की जवाबदेही कौन तय करेगा?
शिक्षा व्यवस्था की दुर्दशा और युवाओं के साथ हुए अन्याय का जिम्मेदार कौन है?
क्या केवल मंत्री बदल देने से सरकार की विफलता छिप जाएगी?
विजय शंकर नायक ने कहा कि देश का युवा अब डरने वाला नहीं है। सत्ता का अहंकार टूट चुका है और जनता लोकतंत्र को कमजोर करने वाली हर ताकत को लोकतांत्रिक तरीके से जवाब देगी और तानाशाह मोदी सरकार को हटा कर ही दम लेगी | शिक्षा मंत्री ने नैतिक जिम्मेदारी स्वीकार करते हुए इस्तीफा दिया है, तो अब प्रधानमंत्री को भी देश के करोड़ों छात्रों, युवाओं और अभिभावकों को यह बताना चाहिए कि लगातार शिक्षा व्यवस्था में उत्पन्न संकट, प्रतियोगी परीक्षाओं में अव्यवस्था और युवाओं के बढ़ते आक्रोश की जिम्मेदारी कौन लेगा अब भागने का समय खतम हो चूका है भाजपा की सरकार जवाबदेही से अब बच नही सकती |
