नई दिल्ली/लखनऊ, 12 अप्रैल 2026: विश्व हिंदी परिषद नई दिल्ली भारत की शाखा ऑस्ट्रेलिया द्वारा ऑस्ट्रेलिया के ब्रिस्बेन शहर में प्रथम अंतरराष्ट्रीय साहित्य चौपाल का ऐतिहासिक आयोजन सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। विश्व हिंदी परिषद के तत्वावधान में एम्पोरियम होटल, ब्रिस्बेन में आयोजित इस कार्यक्रम ने वैश्विक स्तर पर हिंदी साहित्य को एक नया मंच प्रदान किया।

कार्यक्रम का शुभारंभ हर्षिता सोम द्वारा ‘एक्नॉलेजमेंट ऑफ ट्रेडिशनल ओनर्स एंड कंट्री’ के साथ किया गया। मंच संचालन की जिम्मेदारी विश्व हिंदी परिषद की राष्ट्रीय अध्यक्ष श्रीमती मधु खन्ना ने कुशलतापूर्वक निभाई।
इस अंतरराष्ट्रीय साहित्य चौपाल में ऑस्ट्रेलिया के विभिन्न प्रांतों सहित न्यूजीलैंड, जर्मनी, इंग्लैंड, यूएसए, जापान एवं भारत के प्रख्यात हिंदी विद्वानों को आमंत्रित किया गया था। सिडनी, पर्थ व मेलबर्न से अनेक साहित्यकारों सहित विदेशों से हिंदी प्रेमी ज़ूम के माध्यम से जुड़े। क्वींसलैंड से 22 हिंदी विद्वान स्वयं कार्यक्रम में उपस्थित रहे।

समारोह का मुख्य आकर्षण श्रीमती अर्चना गोयल की स्वरचित पुस्तक “अस्तित्व: संघर्ष में जीत” का विमोचन रहा। इस अवसर पर भारत के कौंसुलेट जनरल (ACT) द्वारा उपस्थित हिंदी पाठकों एवं साहित्यकारों को पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम की भव्यता तब और बढ़ गई जब ज्ञात हुआ कि इस साहित्य चौपाल का विज्ञापन शहर की एक महत्वपूर्ण सड़क पर दो दिनों से सुशोभित था, जो हिंदी के बढ़ते प्रभाव का परिचायक है।
विश्व हिंदी परिषद शाखा ऑस्ट्रेलिया की राष्ट्रीय अध्यक्ष श्रीमती मधु खन्ना ने कहा कि यह आयोजन वैश्विक पटल पर हिंदी को जोड़ने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। भविष्य में भी ऐसे कार्यक्रमों के माध्यम से विश्वभर के हिंदी प्रेमियों को एक मंच पर लाया जाएगा।

कार्यक्रम की सफलता पर डॉ विपिन कुमार राष्ट्रीय महासचिव विश्व हिंदी परिषद, नई दिल्ली भारत, डॉ डीपी मिश्रा, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष, डॉ नन्दकिशोर साह, राष्ट्रीय संपर्क समन्वयक, डॉ कादंबरी आदेश, डॉ मृदुल कीर्ति, डॉ पूजा, डॉ संगीता सिंह बनाफर सहित अनेक पत्रकार साहित्यकारों ने बधाई दी है। सौम्या प्रधान ने सरस्वती वंदना प्रस्तुत की। राशि सक्सेना ने तकनीकी कम्प्यूटर सहायता व दूर्वा ने पुरस्कार वितरण में सहायता की। डॉ किशोर ने स्वागत मंगल तिलक किया।
