सोनभद्र मौत की सड़क बना शक्तिनगर-वाराणसी मार्ग, टक्कर के बाद जिंदा जला चालक; तमाशबीन बनी रही भीड़

रेणुकूट (सोनभद्र) जनपद के खाड़पाथर क्षेत्र में आज उस समय कोहराम मच गया जब शक्तिनगर-वाराणसी मार्ग पर एक हाइवा और ट्रक के बीच भीषण भिड़ंत हो गई। टक्कर इतनी जोरदार थी कि दोनों वाहनों के परखच्चे उड़ गए और देखते ही देखते गाड़ियां आग के गोलों में तब्दील हो गईं। इस दर्दनाक हादसे में हाइवा चालक को संभलने का मौका तक नहीं मिला और वह केबिन में फंसकर जिंदा जल गया, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई।

प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, टक्कर के बाद हुए धमाके की आवाज दूर तक सुनाई दी। भीषण अग्निकांड को देखते हुए तत्काल हिंडालको की फायर ब्रिगेड को सूचना दी गई, जिसने मौके पर पहुंचकर कड़ी मशक्कत के बाद लपटों पर काबू पाया। रेणुकूट चौकी पुलिस और स्थानीय प्रशासन की टीमें तत्काल मौके पर पहुंचीं और राहत व बचाव कार्य शुरू किया। मलबे और वाहनों की स्थिति को देखते हुए आशंका जताई जा रही है कि केबिन के नीचे कुछ और लोग भी दबे हो सकते हैं।

क्रेन की मदद से मलबा हटाने और फंसे हुए लोगों को निकालने का कार्य युद्धस्तर पर जारी है।इस अग्निकांड में न केवल एक कीमती जान गई, बल्कि लाखों रुपये का माल और वाहन जलकर खाक हो गए। इस भयावह मंजर के बीच समाज का एक विचलित करने वाला चेहरा भी सामने आया। जब वाहन आग की लपटों से घिरा था और केबिन के अंदर से एक व्यक्ति जान बचाने की गुहार लगा रहा था, तब वहां मौजूद भारी भीड़ केवल मूकदर्शक बनी तमाशा देख रही थी। कई लोग मदद करने के बजाय अपने मोबाइल से वीडियो बनाने में व्यस्त थे।

ऐसे समय में टीम निशा सिंह के सदस्य और समाजसेवी डब्लू सिंह ने अपनी जान की परवाह न करते हुए साहस का परिचय दिया। वे जलती हुई आग के करीब पहुंचे और अपने गमछे के सहारे फंसे हुए व्यक्ति को खींचकर बाहर निकालने का प्रयास किया। डब्लू सिंह ने काफी कोशिश की, लेकिन व्यक्ति केबिन के मलबे में बुरी तरह फंसा हुआ था। अकेले दम पर उसे खींच पाना संभव नहीं था और भीड़ में से कोई भी दूसरा व्यक्ति हाथ बंटाने आगे नहीं आया। अंतत उस व्यक्ति को बचाया नहीं जा सका। हाथीनाला से रेणुकूट के बीच का यह मार्ग अब डेंजर जोन बनता जा रहा है।

घटना स्थल पर मौजूद डब्लू सिंह ने सड़क की खराब बनावट और सुरक्षा खामियों पर गहरी चिंता व्यक्त की। डब्लू सिंह ने बताया कि इस मार्ग पर कई ऐसे खतरनाक मोड़ हैं जहाँ चालकों को सामने से आने वाले वाहन का अंदाजा नहीं लग पाता, जिससे अक्सर भीषण टक्करें होती हैं। उन्होंने प्रशासन और सरकार से पुरजोर मांग की है कि इस सड़क का जल्द से जल्द चौड़ीकरण किया जाए ताकि भविष्य में ऐसे जानलेवा हादसों पर लगाम लगाई जा सके। फिलहाल पुलिस ने मृतक के शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। डब्लू सिंह का यह निस्वार्थ प्रयास एक बार फिर याद दिलाता है कि इंसानियत आज भी जीवित है, लेकिन भीड़ की संवेदनहीनता समाज के लिए एक बड़ा सवाल छोड़ गई है।

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