मासिक धर्म स्वच्छता, नशामुक्ति, जल संरक्षण एवं महिला आत्मनिर्भरता के प्रयासों को बताया समय की आवश्यकता
सुनील चिंचोलकर
बिलासपुर, छत्तीसगढ़। समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाने वाले जन-जागरूकता अभियानों को सदैव प्रोत्साहन मिलता है। इसी क्रम में बिलासपुर कलेक्टर संजय अग्रवाल ने व्याख्याता एवं समाजसेवी शांति सोनी द्वारा संचालित विभिन्न सामाजिक जागरूकता अभियानों की मुक्त कंठ से प्रशंसा करते हुए उन्हें वर्तमान समय की महती आवश्यकता बताया।

कलेक्टर अग्रवाल ने कहा कि “मासिक धर्म एक पूर्णतः प्राकृतिक एवं सामान्य जैविक प्रक्रिया है। यह प्रकृति का अनुपम वरदान है, जिसके प्रति समाज में जागरूकता और सकारात्मक दृष्टिकोण विकसित किया जाना आवश्यक है। मासिक धर्म स्वच्छता प्रबंधन, सुरक्षा एवं जानकारी संबंधी अभियान किशोरियों और महिलाओं के स्वास्थ्य, सम्मान तथा सशक्तिकरण से प्रत्यक्ष रूप से जुड़े हुए हैं।”
जनहित से जुड़े अभियानों की विशेष सराहना
उन्होंने शांति सोनी द्वारा संचालित ‘मासिक धर्म स्वच्छता प्रबंधन एवं सुरक्षा जानकारी हस्ताक्षर अभियान’, ‘नशा छोड़ो–जीवन जोड़ो हस्ताक्षर अभियान’ तथा ‘जल संरक्षण–जल संचयन जन-जागरण एवं हस्ताक्षर अभियान’ की विशेष सराहना करते हुए कहा कि ये तीनों अभियान अत्यंत समसामयिक, जनहितकारी और सामाजिक चेतना को जागृत करने वाले हैं।

कलेक्टर ने कहा कि वर्तमान समय में नशा, जल संकट तथा स्वास्थ्य संबंधी जागरूकता जैसे विषय समाज के समक्ष बड़ी चुनौतियों के रूप में उपस्थित हैं। ऐसे में जनभागीदारी आधारित अभियान चलाकर शांति सोनी समाज को जागरूक करने का सराहनीय कार्य कर रही हैं। ऐसे प्रयास न केवल लोगों में जागरूकता बढ़ाते हैं, बल्कि सामाजिक उत्तरदायित्व की भावना को भी सुदृढ़ करते हैं।
नशामुक्ति और जल संरक्षण को बताया राष्ट्रीय आवश्यकता
अग्रवाल ने विशेष रूप से ‘नशा छोड़ो–जीवन जोड़ो’ अभियान को युवाओं के उज्ज्वल भविष्य के लिए महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि “नशामुक्त समाज ही स्वस्थ एवं समृद्ध राष्ट्र की आधारशिला है।”
वहीं जल संरक्षण एवं जल संचयन अभियान को समय की सबसे बड़ी आवश्यकता बताते हुए उन्होंने प्रत्येक नागरिक से जल बचाने तथा वर्षा जल संग्रहण को जनआंदोलन का स्वरूप देने का आह्वान किया।
निःशुल्क प्रशिक्षण से महिलाओं को मिल रहा आत्मनिर्भरता का अवसर
इस अवसर पर कलेक्टर ने शांति सोनी द्वारा ग्रीष्मकालीन अवकाश के दौरान संचालित निःशुल्क ब्यूटी पार्लर प्रशिक्षण कार्यक्रम की भी सराहना की। उन्होंने कहा कि यह प्रशिक्षण महिलाओं और किशोरियों को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक प्रेरणादायक पहल है। कौशल विकास के माध्यम से महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने का यह प्रयास समाज में सकारात्मक परिवर्तन का माध्यम बन सकता है।
शिक्षक जब समाज में जागरूकता का दीप जलाता है…
कलेक्टर संजय अग्रवाल ने विश्वास व्यक्त किया कि शांति सोनी द्वारा संचालित ये जन-जागरण अभियान भविष्य में और अधिक व्यापक स्वरूप ग्रहण करेंगे तथा समाज में स्वास्थ्य, स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण और नशामुक्ति के प्रति नई चेतना का संचार करेंगे।
उन्होंने कहा, “जब एक शिक्षक कक्षा की सीमाओं से निकलकर समाज के बीच जागरूकता का दीप प्रज्वलित करता है, तब शिक्षा केवल ज्ञान का माध्यम नहीं रहती, बल्कि सामाजिक परिवर्तन की शक्तिशाली धारा बन जाती है।”
