बहराइच। कोतवाली देहात क्षेत्र स्थित रैंबो हॉस्पिटल में नवजात की मौत के बाद परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन पर गंभीर आरोप लगाते हुए जमकर हंगामा किया। परिजनों का आरोप है कि अस्पताल ने नवजात की मौत हो जाने के बावजूद करीब छह घंटे तक उसे जीवित बताकर इलाज जारी रखा और इस दौरान इलाज के नाम पर मोटी रकम वसूली गई।

जानकारी के अनुसार, नवजात का जन्म एक सरकारी अस्पताल में हुआ था। जन्म के बाद उसकी हालत गंभीर होने पर परिजन उसे बेहतर उपचार के लिए रैंबो हॉस्पिटल लेकर पहुंचे। आरोप है कि अस्पताल में भर्ती करने के बाद परिजनों को लगातार बच्चे की हालत गंभीर बताई जाती रही, जबकि उनकी आशंका है कि बच्चे की मौत पहले ही हो चुकी थी।
घटना ने उस समय भावुक मोड़ ले लिया जब नवजात का पिता अपने बच्चे के शव को गोद में लेकर अस्पताल के मुख्य गेट पर बैठ गया और न्याय की मांग करने लगा। पिता की पीड़ा देखकर मौके पर बड़ी संख्या में लोग एकत्र हो गए और अस्पताल प्रशासन के खिलाफ नाराजगी जताने लगे।
परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन पर लापरवाही, गुमराह करने और आर्थिक शोषण के गंभीर आरोप लगाए हैं। बताया जा रहा है कि अस्पताल का संचालन डॉ. सोमनाथ मौर्य द्वारा किया जाता है। घटना के बाद क्षेत्र में निजी अस्पतालों की कार्यप्रणाली को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं।
सूचना पर पहुंची पुलिस ने स्थिति को नियंत्रित किया और मामले की जांच शुरू कर दी। अधिकारियों का कहना है कि जांच रिपोर्ट के आधार पर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। वहीं स्थानीय लोगों का आरोप है कि सरकारी अस्पतालों के आसपास संचालित कई निजी अस्पताल मरीजों की मजबूरी का फायदा उठाकर मनमानी वसूली कर रहे हैं।
फिलहाल मामले की जांच जारी है और आरोपों की आधिकारिक पुष्टि होना बाकी है।
