शांति सोनी के मार्गदर्शन में तीन जन-जागरण अभियान, श्वेता उपाध्याय निभा रहीं प्रेरक मित्र की सशक्त भूमिका

नशामुक्ति, जल संरक्षण और किशोरी स्वास्थ्य पर केंद्रित अभियानों से विद्यालयों एवं ग्रामीण क्षेत्रों में बढ़ रही जन-जागरूकता

सुनील चिंचोलकर
मस्तूरी (बिलासपुर)। समाज में जागरूकता, स्वास्थ्य और पर्यावरण संरक्षण की भावना को सुदृढ़ बनाने के उद्देश्य से वरिष्ठ व्याख्याता एवं जन-जागरूकता अभियान की संचालिका शांति सोनी के मार्गदर्शन में “नशा छोड़ो–जीवन जोड़ो”, “जल संचयन–जल संरक्षण” तथा “किशोरी बालिकाओं के लिए मासिक धर्म स्वच्छता प्रबंधन, जानकारी एवं जागरूकता” जैसे तीन महत्त्वपूर्ण जन-जागरण अभियान निरंतर संचालित किए जा रहे हैं।


इन अभियानों को जनभागीदारी का व्यापक स्वरूप प्रदान करने में श्वेता उपाध्याय, व्याख्याता, शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, मटिया, विकासखंड मस्तूरी, जिला बिलासपुर, प्रेरक मित्र के रूप में उल्लेखनीय भूमिका निभा रही हैं। उनके नेतृत्व में विद्यालयों, आंगनबाड़ी केंद्रों तथा ग्राम पंचायतों में हस्ताक्षर अभियान, जन-जागरूकता रैलियाँ, प्रेरक नारे, स्लोगन लेखन, पोस्टर निर्माण, चित्रकला प्रतियोगिताएँ तथा संवाद कार्यक्रम नियमित रूप से आयोजित किए जा रहे हैं।


इन रचनात्मक गतिविधियों के माध्यम से विद्यार्थियों, किशोरियों, अभिभावकों एवं ग्रामीण नागरिकों को नशामुक्त जीवनशैली, जल संरक्षण के महत्व तथा मासिक धर्म स्वच्छता एवं स्वास्थ्य संबंधी वैज्ञानिक जानकारी से अवगत कराया जा रहा है। अभियान का उद्देश्य केवल जानकारी देना ही नहीं, बल्कि व्यवहार में सकारात्मक परिवर्तन लाना भी है।


शांति सोनी ने कहा कि जन-जागरूकता तभी सफल होती है, जब समाज का प्रत्येक व्यक्ति स्वयं सहभागी बने और दूसरों को भी जागरूक करने का संकल्प ले। वहीं श्वेता उपाध्याय ने अभियान को जन-आंदोलन का स्वरूप देने के लिए विद्यार्थियों और ग्रामीण समुदाय के सक्रिय सहयोग पर बल दिया।


लगातार संचालित इन अभियानों से समाज में स्वास्थ्य, स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण और सामाजिक उत्तरदायित्व के प्रति सकारात्मक सोच विकसित हो रही है। यह पहल स्वस्थ, जागरूक, संवेदनशील एवं जिम्मेदार समाज के निर्माण की दिशा में एक प्रेरणादायी उदाहरण बनती जा रही है।

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