अलीगंज। परिवार नियोजन के स्थायी व अस्थायी साधनों को अपनाने में जहां महिलाएं आगे रहती हैं, वहीं पुरुषों की भागीदारी भी बढ़ती नजर आ रही है। पुरुषों की नसबंदी में भागीदारी बढ़ाने और परिवार नियोजन के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से अलीगंज सामुदायिक स्वास्थ केन्द्र में स्वास्थ्य विभाग की ओर से पुरुषों में नसबंदी के प्रति सोच बदली।

सोमवार को अलीगंज सामुदायिक स्वास्थ केन्द्र में 24 महिलाओं की डॉक्टर टीम द्वारा नसबन्दी का कार्य किया गया। इस टीम में डॉ. जितेंद्र सिंह, उमा राजपूत नर्सिंग ऑफिसर, शेलमा दिव्या सहित डॉक्टर स्टाफ की मौजूदगी में कार्य हुआ।
डॉक्टर जितेंद्र सिंह ने बताया कि सीमित परिवार से महिला की सेहत ठीक रहती है, परवरिश भी बेहतर की जा सकती है। छोटे परिवार का महत्व अब लोग समझने लगे हैं। स्वास्थ्य विभाग पुरुष नसबंदी के प्रति लोगों को जागरूक करने के लिए पुरुष नसबंदी पखवाड़ा मना रहा है।

इसके तहत स्वास्थ्य विभाग की टीम लोगों को पुरुष नसबंदी के लिए जागरूक कर रही हैं। पुरुष खुद नसबंदी के लिए आगे आएं इसके लिए उन्हें प्रेरित किया जा रहा है। नसबंदी कराने पर सरकार प्रोत्साहन राशि भी देती है। बताया गया कि पुरुषों में नसबंदी को लेकर जागरूकता बढ़ रही है।

हालांकि इसकी रफ्तार सुस्त ही है। पुरुषों के नसबंदी कराने को लेकर आगे नहीं आने की वजह समाज में फैले वहम हैं। इसी वहम को दूर करने के लिए विभाग द्वारा तमाम तरह के प्रयास किए जा रहे हैं। पुरुष भ्रम तोड़ें, पुरुष नसबंदी महिलाओं के अपेक्षा अधिक आसान और फायदेमंद है।
दिलीप सिंह मंडल ब्योरों एटा उत्तर प्रदेश
