अलीगंज। प्रस्तावित ई-रजिस्ट्री व्यवस्था के विरोध में अधिवक्ताओं और बैनामा लेखकों का आंदोलन मंगलवार को लगातार 14वें दिन भी जारी रहा। रजिस्ट्रार कार्यालय परिसर में अधिवक्ताओं ने धरना-प्रदर्शन करते हुए सरकार से अपनी मांगों पर शीघ्र निर्णय लेने की मांग की। आंदोलनकारियों ने स्पष्ट कहा कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होतीं, तब तक न्यायिक कार्य से विरत रहकर आंदोलन जारी रखा जाएगा।

धरने को संबोधित करते हुए अधिवक्ताओं ने कहा कि वर्तमान स्वरूप में ई-रजिस्ट्री व्यवस्था लागू होने से अधिवक्ताओं, बैनामा लेखकों और आम नागरिकों को कई व्यावहारिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ेगा। उनका कहना था कि इस व्यवस्था को लागू करने से पहले सरकार ने अधिवक्ता संगठनों से कोई सार्थक संवाद नहीं किया, जिसके कारण प्रदेशभर में विरोध की स्थिति बनी हुई है।
अधिवक्ताओं ने कहा कि पिछले 14 दिनों से वे शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक तरीके से अपनी मांगें उठा रहे हैं, लेकिन अब तक शासन स्तर से कोई ठोस पहल नहीं हुई है। इससे अधिवक्ताओं में निराशा और आक्रोश लगातार बढ़ रहा है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सरकार जल्द वार्ता कर समाधान नहीं निकालती है तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा।
धरने के दौरान अधिवक्ताओं ने न्यायिक कार्य से विरत रहकर रजिस्ट्रार कार्यालय के बाहर प्रदर्शन किया और एकजुटता का परिचय दिया। उन्होंने कहा कि यह संघर्ष केवल अधिवक्ताओं का नहीं, बल्कि आम जनता के हितों और पारदर्शी व्यवस्था से भी जुड़ा हुआ है। सभी ने एक स्वर में संकल्प दोहराया कि मांगों के समाधान तक उनका आंदोलन जारी रहेगा और आवश्यकता पड़ने पर इसे जिले से लेकर प्रदेश स्तर तक और तेज किया जाएगा।
धरने में अध्यक्ष महेंद्र सिंह शाक्य, वेद प्रकाश यादव, शिवांक दुबे, संजय यादव, रिंकू सक्सेना, अंशुल सक्सेना, केपी सिंह यादव सहित बड़ी संख्या में अधिवक्ता एवं बैनामा लेखक मौजूद रहे।
