रामगांव, बहराइच।
दिनांक 19 अप्रैल 2026 को समाजवादी पार्टी कार्यालय पर भगवान परशुराम की जयंती बड़े ही हर्षोल्लास के साथ मनाई गई। कार्यक्रम की अध्यक्षता सपा नेता हर्षित त्रिपाठी ने की, जबकि मंच संचालन लोहिया वाहिनी के जिला उपाध्यक्ष मयंक मिश्रा ‘मोनू’ द्वारा किया गया।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए हर्षित त्रिपाठी ने कहा कि भगवान परशुराम को हिंदू धर्म में भगवान विष्णु का छठा अवतार माना जाता है। उनका जन्मोत्सव वैशाख मास के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि को मनाया जाता है, जिसे अक्षय तृतीया के रूप में भी जाना जाता है।
समाजवादी पार्टी के जिला उपाध्यक्ष देवेश चंद्र मिश्रा ने बताया कि भगवान परशुराम का बचपन का नाम रामभद्र था, जो उनके माता-पिता द्वारा रखा गया था। वहीं, महर्षि कण्व ने जन्म के समय उनका नाम कोटिकर्ण रखा था।

मंच संचालन कर रहे मयंक मिश्रा ने कहा कि भगवान परशुराम मूल रूप से ब्राह्मण थे। उन्होंने अपने बाबा महर्षि ऋचिक और पिता महर्षि जमदग्नि से वेद एवं धनुर्वेद की शिक्षा प्राप्त की। परशु चलाने की विद्या उन्होंने भगवान शंकर के सान्निध्य में भगवान गणेश से सीखी तथा दिव्य अस्त्र भी भगवान शंकर से ही प्राप्त किया।
अधिवक्ता शोभीत बाजपेई ने अपने संबोधन में कहा कि महर्षि जमदग्नि ने भगवान परशुराम को स्वेच्छा से मृत्यु (इच्छामृत्यु) का आशीर्वाद प्रदान किया तथा उनकी माता और भाइयों को पुनर्जीवित किया।
इस अवसर पर सत्यम मिश्रा, अज्जु बाजपेई, अभिषेक बाजपेई, राहुल मिश्रा, अंकित पांडेय, अमन दुबे, प्रकाश मिश्रा, अजय त्रिपाठी, मोहित मिश्रा, हरिओम मिश्रा (रमपुरवा), नांदेश्वर नंद यादव, पेशकार राव, शैलेश सिंह ‘शेलू’, अन्नू गुप्ता सहित अनेक कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
