परिसर में पेड़ों और झाड़ियों पर दिखाई दे रहे लंबे सांप, ग्रामीणों ने की तत्काल सफाई और सर्परोधी उपायों की मांग

मोहनपुरा/कासगंज। कस्बा मोहनपुरा स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र इन दिनों सांपों की बढ़ती मौजूदगी के कारण चर्चा का विषय बना हुआ है। अस्पताल परिसर में कई फीट लंबे सांपों के लगातार दिखाई देने से मरीजों, उनके तीमारदारों तथा स्वास्थ्यकर्मियों के बीच भय और असुरक्षा का माहौल व्याप्त है। उपचार के लिए आने वाले लोगों को हर समय किसी अनहोनी की आशंका सताने लगी है।
स्थानीय नागरिकों के अनुसार अस्पताल परिसर में उगी घनी झाड़ियां, लंबे समय से साफ-सफाई का अभाव तथा पेड़ों की अधिकता सांपों के लिए सुरक्षित आश्रयस्थल बन गई है। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि कई बार सांपों को पेड़ों की शाखाओं पर लटकते हुए देखा गया है, जबकि कुछ सांप खुले परिसर और रास्तों पर भी विचरण करते नजर आए हैं। इससे अस्पताल में आने-जाने वाले लोगों में दहशत का माहौल बना हुआ है।
ग्रामीणों का कहना है कि स्वास्थ्य केंद्र जैसे संवेदनशील स्थान पर इस प्रकार की स्थिति अत्यंत चिंताजनक है। उनका आरोप है कि यदि समय रहते परिसर की नियमित सफाई, झाड़ियों की कटाई और आवश्यक सुरक्षा उपाय किए गए होते तो ऐसी समस्या उत्पन्न नहीं होती। लोगों ने आशंका जताई है कि यदि शीघ्र प्रभावी कदम नहीं उठाए गए तो किसी मरीज, कर्मचारी अथवा परिजन के साथ अप्रिय घटना घट सकती है।
अस्पताल में उपचार कराने आए कई मरीजों और उनके परिजनों ने भी चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि जहां लोग स्वास्थ्य लाभ की उम्मीद लेकर आते हैं, वहां सांपों का भय उनके लिए अतिरिक्त परेशानी का कारण बन रहा है। विशेष रूप से बच्चों, बुजुर्गों और गर्भवती महिलाओं के लिए यह स्थिति अधिक जोखिमपूर्ण मानी जा रही है।
क्षेत्रवासियों ने स्वास्थ्य विभाग और जिला प्रशासन से मांग की है कि अस्पताल परिसर की तत्काल व्यापक सफाई कराई जाए, झाड़ियों को हटाया जाए तथा सर्परोधी और कीटनाशक दवाओं का छिड़काव कराया जाए। साथ ही विशेषज्ञों की सहायता से परिसर में मौजूद सांपों को सुरक्षित रूप से पकड़कर अन्यत्र स्थानांतरित करने की व्यवस्था भी सुनिश्चित की जाए, ताकि अस्पताल परिसर को पूरी तरह सुरक्षित बनाया जा सके।
ग्रामीणों का कहना है कि प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र आमजन की जीवनरेखा है और यहां आने वाले लोगों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। उन्होंने प्रशासन से शीघ्र हस्तक्षेप कर समस्या का स्थायी समाधान करने की मांग की है।
— दिलीप सिंह, मंडल ब्यूरो, एटा (उत्तर प्रदेश)
