
मिहींपुरवा, बहराइच। मिहींपुरवा बिजली उपकेंद्र से जुड़ी क्षेत्र की बदहाल विद्युत व्यवस्था को लेकर लोगों का आक्रोश अब सड़क पर उतर आया है। भीषण गर्मी के बीच नियमित और पर्याप्त बिजली आपूर्ति नहीं मिलने से नाराज ग्रामीणों एवं स्थानीय लोगों ने 8 अगस्त को मिहींपुरवा तहसील परिसर में विशाल जनआंदोलन कर विद्युत विभाग के खिलाफ प्रदर्शन किया।
आंदोलनकारियों ने उर्रा में प्रस्तावित पावर हाउस को बहाल कराने, मिहींपुरवा बिजली उपकेंद्र से नियमित एवं पर्याप्त बिजली आपूर्ति सुनिश्चित कराने, लो-वोल्टेज की समस्या दूर करने तथा विद्युत व्यवस्था को दुरुस्त कराने की मांग उठाई।
लोगों का कहना था कि क्षेत्र में बिजली की स्थिति इतनी खराब है कि बिजली जैसी मूलभूत सुविधा के लिए भी लोगों को सड़क पर उतरकर प्रदर्शन करना पड़ रहा है। भीषण गर्मी में बिजली की अनियमित आपूर्ति से ग्रामीणों के घरेलू कामकाज, बच्चों की पढ़ाई, कारोबार और किसानों से जुड़े कार्य प्रभावित हो रहे हैं।

प्रमुख मांगें
आंदोलनकारियों ने उर्रा पावर हाउस को बहाल कराने, मिहींपुरवा बिजली उपकेंद्र से नियमित और पर्याप्त बिजली आपूर्ति सुनिश्चित कराने, लो-वोल्टेज की समस्या का स्थायी समाधान कराने तथा विद्युत आपूर्ति में बार-बार आने वाली बाधाओं को दूर करने की मांग की। लोगों ने निर्धारित रोस्टर के अनुसार बिजली उपलब्ध कराने की भी मांग उठाई।
जेई ने दिया लिखित आश्वासन
आंदोलन के बाद जेई नानपारा की ओर से 8 अगस्त 2026 को लिखित आश्वासन दिया गया। इसमें लो-वोल्टेज की समस्या के समाधान सहित विद्युत व्यवस्था से जुड़ी समस्याओं के निराकरण के लिए आवश्यक कार्रवाई का भरोसा दिया गया है। लिखित आश्वासन में 15 अगस्त तक लो-वोल्टेज की समस्या का समाधान कराने का प्रयास किए जाने की बात कही गई है।

आंदोलनकारियों ने स्पष्ट किया कि जेई की ओर से दिए गए लिखित आश्वासन के अनुसार यदि निर्धारित समय में समस्याओं का समाधान नहीं किया गया तो यह धरना-प्रदर्शन आगे और विशाल रूप ले सकता है। लोगों का कहना है कि इस बार लिखित आश्वासन के आधार पर आंदोलन समाप्त किया गया है, लेकिन यदि आश्वासन के अनुरूप कार्रवाई नहीं हुई तो बड़ी संख्या में लोग दोबारा सड़क पर उतरकर आंदोलन करने को मजबूर होंगे।
अब लोगों की नजर 15 अगस्त पर है कि विद्युत विभाग लिखित आश्वासन पर कितना अमल करता है और मिहींपुरवा बिजली उपकेंद्र से जुड़े क्षेत्र की बदहाल विद्युत व्यवस्था में कब तक सुधार होता है।
