महिला गोली कांड की साजिश बेनकाब

महिला की बाजू में मारी गई गोली, हत्या के प्रयास का मुकदमा दर्ज कराया; पुलिस जांच में निकली पूरी कहानी

प्रधानी की रंजिश और जमीन विवाद में रची गई थी पटकथा, दो आरोपी गिरफ्तार, तमंचा बरामद

एटा। दहेलिया पूठ गांव में महिला को गोली मारकर ग्राम प्रधान पर हत्या के प्रयास का आरोप लगाने का सनसनीखेज मामला आखिरकार झूठा निकला। करीब 16 दिन तक गांव और इलाके में चर्चा का विषय बनी इस घटना का जसरथपुर पुलिस ने ऐसा खुलासा किया है, जिसने सभी को चौंका दिया। पुलिस जांच में सामने आया कि महिला को गोली किसी दुश्मन ने नहीं, बल्कि खुद की टीम ने योजनाबद्ध तरीके से मारी थी ताकि ग्राम प्रधान और उसके रिश्तेदारों को जेल भिजवाया जा सके।

1 जून को दहेलिया पूठ निवासी साधना मिश्रा गोली लगने से घायल हो गई थी। घटना के बाद ग्राम प्रधान बल्लू और उसके साले पर गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कराया गया था। मामला महिला पर गोली चलने का था, इसलिए पुलिस भी शुरू में इसे गंभीर आपराधिक वारदात मानकर जांच में जुटी थी।

लेकिन जैसे-जैसे विवेचना आगे बढ़ी, कहानी में कई ऐसे पेंच सामने आए जिन्होंने पुलिस को शक में डाल दिया। घटनास्थल, मेडिकल रिपोर्ट और संबंधित लोगों के बयानों का मिलान किया गया तो पता चला कि पूरी घटना की पटकथा पहले से लिखी जा चुकी थी।

पुलिस के अनुसार ग्राम प्रधान बल्लू और अब्दुल रब के बीच लंबे समय से प्रधानी की राजनीतिक रंजिश चली आ रही थी। वहीं जमीन के पुराने विवाद और मारपीट की घटना का बदला लेने के लिए मोहन, अब्दुल रब, इस्तियाक और साधना ने मिलकर प्रधान को फंसाने की साजिश रची। योजना के तहत साधना को तालाब किनारे ले जाया गया और उसकी बाजू में गोली मार दी गई। इसके बाद प्रधान पक्ष पर हमला करने का आरोप लगाते हुए मुकदमा दर्ज करा दिया गया।

जांच में सच्चाई सामने आते ही पुलिस ने पूरा खेल पलट दिया। मामले में अब्दुल रब और इस्तियाक उर्फ पठान को गिरफ्तार कर लिया गया है। उनके कब्जे से घटना में प्रयुक्त 315 बोर का अवैध तमंचा और खोखा कारतूस भी बरामद हुआ है।

पुलिस की पड़ताल में खुली झूठी कहानी

अपर पुलिस अधीक्षक श्वेताभ पांडे ने बताया कि यदि वैज्ञानिक और तकनीकी जांच न की जाती तो निर्दोष लोग गंभीर मुकदमे में फंस सकते थे। मामले में शामिल अन्य आरोपियों की तलाश जारी है और उनके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।

सवाल बड़ा है…

क्या राजनीतिक और व्यक्तिगत दुश्मनी अब इतनी खतरनाक हो चुकी है कि लोग खुद को गोली मरवाकर भी विरोधियों को फंसाने से नहीं चूक रहे? जसरथपुर का यह मामला सिर्फ एक झूठे मुकदमे का खुलासा नहीं, बल्कि बदले की भावना में कानून के दुरुपयोग की भयावह तस्वीर भी पेश करता है। दिलीप सिंह मंडल ब्योरों एटा उत्तर प्रदेश

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